सेक्टर-बी में सीवर लाइन बिछाने के दौरान पीएनजी लाइन फट जाने से हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। 20 मिनट तक लाइन लीक होती रही। सूचना पर आईजीएल के कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने लाइन को बंद किया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
सेक्टर-दो बी में नगर निगम सीवर लाइन बिछाने का काम कर रहा है। जहां पर सीवर लाइन बिछाई जानी है। उसके नीचे से पीएनजी लाइन जा रही है। शुक्रवार को सीवर लाइन का काम शुरू हुआ था।
आईजीएल अधिकारियों की देखरेख में काम किया गया। एक जगह लाइन क्षतिग्रस्त भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने तुरंत लाइन को बंद कर मरम्मत कर दी थी।
शनिवार की सुबह नगर निगम कर्मचारियों ने खुदाई करनी शुरू की ही थी कि लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें से तेजी से पीएनजी निकलने लगी। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर आ गए।
उन्होंने आईजीएल अधिकारियों को इसकी सूचना दी। अधिकारियों को पहुंचने में 20 मिनट लग गए। गनीमत यह रही कि उस जगह आबादी कम होने की वजह से आग नहीं लगी। नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
करीब ढाई घंटे कॉलोनी में बंद रही आपूर्ति
सुबह 9:20 बजे पर लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद लाइन को बंद कर दिया गया। करीब 12 बजे लाइन को ठीक कर चालू किया गया। इस दौरान करीब 50 घरों में पीएनजी आपूर्ति बाधित रही। नवरात्रों के पहले ही दिन लोगों के सामने समस्या उठानी पड़ी
नगर निगम ने नहीं किया संपर्क
आईजीएल के अधिकारी उदयवीर ने बताया कि शनिवार को नगर निगम की तरफ से कोई सूूचना नहीं मिली थी। लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिलते ही कर्मचारी पहुंच गए थे। उन्होंने लाइन की मरम्मत कर उसे ठीक कर दिया है।
बोला नगर निगम
अवर अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को जब कर्मचारी पहुंचे तो आईजीएल अधिकारियों से संपर्क किया गया। काफी देर तक अधिकरी नहीं आए तो कर्मचारियों ने काम शुरू किया। इस दौरान लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि आईजीएल अधिकारियों ने पीएनजी लाइन चालू होने की सूचना नहीं दी थी। कर्मचारियों को लगा लाइन बंद है।
बोले रेजिडेंट्स
नगर निगम और आईजीएल अधिकारियों के बीच समन्वय नहीं होने की वजह से लाइन क्षतिग्रस्त हुई। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। - एनके वर्मा
लाइन फटने से हड़कंप मच गया था। लोगों में डर था कि कहीं लीकेज के चलते घरों में कोई हादसा न हो जाए। - अभय कश्यप