गौरतलब है कि इस तरह के पोस्टर काफी दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है और लोग जमकर तंज कस रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री के वादों को झूठा बताकर दलाई लामा कहकर तंज कसा गया है।
इन पोस्टर को लेकर भाजपा नेताओं ने भी आपत्ति जताई। संज्ञान में आते ही एनडीएमसी व दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टर को हटाना शुरू कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टर में प्रिंटर व प्रेस का नाम नहीं है। ऐसे में पोस्टरों को छपवाने वाले व चिपकाने वाले का पता लगाना आसान नहीं है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार वैसे तो पोस्टरों को लगाने वालों को पोस्टर के आधार पर पकडना आसान नहीं है। ऐसे में पुलिस जहां-जहां पोस्टर लगे हैं वहां आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि पोस्टर लगाने वालों का पता लग सके।
एनडीएमसी अधिकारियों की शिकायत पर मंदिर मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि बुधवार को अशोक रोड के बोर्डपर ही महराणा प्रताप रोड का पोस्टर लगा दिया गया था। इस बाबत तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था।