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हुंकार रैली : 'घर वापसी, लव जिहाद और गाय पर नहीं अब इन मुद्दों पर ध्यान दें PM मोदी'

Wed, 10 Jan 2018 10:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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hunkar rally - फोटो : himanshu soni
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हुंकार रैली को संबोधित करते हुए जिग्नेश मेवाणी ने आरोप लगाया कि असली मुद्दों को दबाया जा रहा है। इस समय केवल घर वापसी, लव जिहाद और गाय जैसे मुद्दों को महत्व दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी और अन्य असली मुद्दे दबाए जा रहे हैं। लेकिन हम इसके खिलाफ हैं।

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मेवाणी ने रैली की समाप्ति पर मंच से एक हाथ में मनुस्मृति व दूसरे में संविधान की किताब रखते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया कि अब उनको जनता को जवाब देना होगा कि वे इनमें से किसको चुनते हैं।

पूना, सहारनपुर और भीम कोरेगांव में दलितों पर अत्याचार का जवाब आपको देना होगा। मध्य प्रदेश में किसानों पर गोलियां क्यों दागी गईं? रोहित वेमुला की हत्या और नजीब को गायब क्यों किया गया? इसका जवाब देना है।
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ये सारे सवाल वे गुजरात की विधानसभा में भी पूछेंगे और सड़कों पर भी उतरेंगे। आयोजन स्थल पर काफी संख्या में जिग्नेश के समर्थक मौजूद रहे। इस रैली में यूपी की भीम आर्मी के समर्थक भी पहुंचे, जिनके हाथों में अपने नेता चंद्रशेखर की तस्वीरें थीं।

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hunkar rally - फोटो : himanshu soni
यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। पुलिस की ओर से कहा गया था कि यहां आयोजन की इजाजत नहीं दी गई है, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम होना पुलिस के रुख पर सवाल खड़े कर रहा है। इसके पहले जिग्नेश ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनकी रैली को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने जा रहे हैं। सरकार हमें निशाना बना रही है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को बोलने से रोका जा रहा है।

बता दें कि रैली की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि रैली की घोषणा के बाद से मेवाणी को देशद्रोही और शहरी नक्सली बताने वाले पोस्टरों पर बहुत सारा पैसा खर्च किया गया है।

इस बीच, संसद मार्ग के नजदीक कुछ पोस्टर लगाए गए, जिनमें मेवाणी को भगोड़ा बताया गया। उल्लेखनीय है कि पुणे के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा और उसके बाद हुए बवाल को लेकर जिग्नेश मेवाणी पर भड़काऊ भाषण देने का केस दर्ज किया गया है।

रैली में दलित संगठन भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की रिहाई की मांग, शैक्षिक अधिकार, रोजगार, आजीविका और लैंगिक न्याय जैसे मुद्दों पर जोर रहा। बता दें कि चंद्रशेखर को गत वर्ष जून में हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुए ठाकुर-दलित संघर्ष का मुख्य आरोपी है। 
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दलितों-अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े : प्रशांत भूषण

hunkar rally - फोटो : himanshu soni
दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। सरकार में बैठे लोग चाहते हैं कि ये सब लोग हिंदू बन जाएं। इमरजेंसी में लोकतंत्र को खतरा था, लेकिन अब बीजेपी और आरएसएस के लोगों की वजह से सभ्यता को ही खतरा हो गया है।

विश्वविद्यालय को बर्बाद कर दिया गया। जेएनयू में प्रोफेसर के इंटरव्यू में पूछा जा रहा है कि आपको गोशाला चलानी आती है। विदेशी कंपनियों से राजनीतिक दलों को फंडिंग पर हाइकोर्ट ने फटकार लगाई तो सरकार ने कानून में ही संशोधन कर दिया कि विदेशी कंपनियों से भी चंदा लिया जा सकता है। 

पूरे देश में युवाओं को एकत्र करेंगे : शेहला राशिद
जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने कहा कि पुलिस ने कार्यक्रम को रोकने की पूरी कोशिश की, फिर भी बड़ी संख्या में लोग आए। अब हम पूरे देश में युवाओं को एकत्र करेंगे। योगी सरकार ने सवाल पूछने पर भीम आर्मी के चंद्रशेखर एवं कई कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया।

जिग्नेश व कन्हैया जैसे भाई मिले : सदफ
जेएनयू के लापता छात्र नजीब की बहन सदफ ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मेरा भाई एक दिन जरूर वापस आएगा। उसके जाने के बाद मुझे जिग्नेश व कन्हैया जैसे भाई भी मिले।
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