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नोएडा : लावारिस कुत्तों का बढ़ रहा आतंक, दो बच्चों को नोंचा

Tue, 09 Jan 2018 11:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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dog bite - फोटो : ashutosh dubey
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बुलेवर्ड सोसाइटी में कुत्ते के काटने से घायल बच्ची का इलाज अभी चल रहा है। लेकिन प्राधिकरण, एसपीसीए के अलावा तमाम अन्य सामाजिक संगठन लावारिस कुत्तों को लेकर गंभीर होते नहीं दिख रहे हैं। इसका नतीजा सोमवार को सेक्टर-135 स्थित वाजिदपुर गांव में देखने को मिला।

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यहां 4 साल की बच्ची और 12 साल के लड़के को कुत्तों ने नोंच कर घायल कर दिया। दोनों बच्चों को एआरवी का इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया। विपिन चौहान सेक्टर-135 स्थित वाजिदपुर में परिवार के साथ रहते हैं।

सोमवार शाम को उनकी 4 वर्षीय बेटी आक्षी घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसके चीखने की आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो बच्ची के हाथ पैर से खून निकल रहा था। बच्ची को चारों ओर से कुत्तों ने घेर रखा था।
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आक्षी के साथ विपिन के किराएदार प्रमोद का बेटा हिमेश भी खेल रहा था। कुत्तों ने उसे भी कई जगह नोंच रखा था। परिजन ने बमुश्किल कुत्तों को भगाया और दोनों बच्चों को लेकर सेक्टर-110 स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।

यहां डॉक्टर ने बच्चों को टेटनस का इंजेक्शन लगाया और घाव की ड्रेसिंग की। बताते चलें कि हाल ही में सेक्टर-100 स्थित बुलेवर्ड सोसाइटी में भी एक 8 साल की बच्ची को कुत्तों ने नोंच डाला था।

उसका इलाज अभी भी चल रहा है। निरंतर बढ़ती घटनाओं को लेकर प्रशासन बिल्कुल सख्त होता नहीं दिख रहा। वह सिर्फ नसबंदी के नाम पर खानापूर्ति करने लगा हुआ है।

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कोनरवा ने प्राधिकरण से जताई नाराजगी

dog bite - फोटो : ashutosh dubey
फोनरवा अध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि उन्होंने प्राधिकरण सीईओ को पत्र लिखकर शहर में कुत्तों से हो रही घटनाओं की वजह बताते हुए नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर की गली मोहल्ले व सोसाइटी में कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है।

इसका मुख्य कारण लंबे समय से इनकी नसबंदी न होना है। ऐसे में इनकी बढ़ती संख्या को रोकने के लिए योजनाबद्ध तरीके से नोएडा को 4 या 6 जोन में बांटकर प्रत्येक जोन में युद्धस्तर पर नियमानुसार नसबंदी की कार्यवाही अलग-अलग संस्थाओं द्वारा की जानी चाहिए।

ताकि इनकी अनावश्यक बढ़ती संख्या को रोका जा सके। नसबंदी हुए कुत्तों की पहचान हेतु उनका सेक्टर व नंबर आवंटित किया जाए।  उचित रिकॉर्ड मेनटेन किया जाए और इनकी जनसंख्या गणना की नियमित रूप से की जानी चाहिए।
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