दिल्ली में तीन ऐसे इलाके हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 अक्टूबर के अपने दौरे के बाद दोबारा जाना चाहिए। मंदिर मार्ग पुलिस क्वार्टर, देशराम गौ सेवा ट्रस्ट द्वारा चलाया जा रहा एक शिव मंदिर और इंडिया के पास वाला फव्वारा ऐसे तीन स्थान हैं जहां 2 अक्टूबर को बहुत कुछ एक जैसा था।
ये तीनों स्थान उस जगह से 500 मीटर के दायरे में आते हैं, जहां से 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की स्वच्छता रैली (वॉकैथन) गुजरी थी। लेकिन साल के बाकी दिनों की तरह ही 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान में भी ये तीन जगहें सफाई के मामले में कहीं पीछे छूट गईं।
पुलिस स्टेशन के पीछे नहीं होती सफाई
गुरूवार की सुबह जब प्रधानमंत्री के काफिले को मंदिर मार्ग से होकर वाल्मिकि सदन जाना था और वहां झाड़ू लगाना था। लेकिन अचानक ही पीएम का काफिला अपना रास्ता बदलते हए मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंच गया।
वहां पुहंचकर प्रधानमंत्री ने झाड़ू भी लगाई। जब पीएम वहां से निकले तो पुलिस स्टेशन को साफ करने का जैसे अभियान ही छिड़ गया। पर उसी कंपाउंड में स्थापित पुलिस कॉलोनी में सफाई की कोई लहर नहीं दिखी।
दोपहर 2 बजे एनडीएमसी की कूड़ा उठाने वाली ट्रक वहां पहुंची, जिसके बाद पुलिसवालों ने सारा कचरा उसमें भरा। पर जब उनसे पूछा गया कि क्या वो पीछे कॉलोनी में भी जाएंगे तो वे बोले कि उनसे वहां जाने को नहीं कहा गया है। एनडीएमसी ट्रक वाले का कहना था कि वो तो पुलिस स्टेशन के अंदर भी नहीं जाते पर आज के दिन की बात ही कुछ अलग है।
केवल पीएम के काफिले के रास्ते को किया गया था साफ
मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाद पीएम वाल्मिकि सदन गए थे जहां उन्होंने लगभग 15 मिनट बिताए। 2 अक्टूबर से दो दिन पहले तक यह कॉलोनी सफाईकर्मियों से पटी पड़ी थी।
वह यहां का हर कोना साफ करने में लगे थे। लेकिन किसी भी सफाईकर्मी ने पुलिस स्टेशन को साफ करने की जहमत नहीं उठाई। सफाई अभियान के बावजूद देशराम गौ सेवा में जो सदन से बिल्कुल सटा हुआ है वहां कूड़े का अंबार लगा हुआ था।
एक वृद्ध व्यक्ति से पूछने पर उसने बताया कि हम मंदिर और अपना घर साफ करते हैं। लेकिन क्या हमें सड़क भी साफ करनी होगी? नेता लोगों को तो बस फोटो खिंचाने का मौका चाहिए। सफाईकर्मियों ने क्षेत्र की सफाई नहीं की है। उन्होंने केवल पीएम जिस रास्ते से गुजरने वाले थे वहां की सफाई की है।
इंडिया के फव्वारे के पास जमी है फफूंदी की परत
उसी वृद्ध ने कहा कि एक बार जाकर कोई पंचकुईंया रोड की मेन इंटरसेक्शन देखे। यह सदन से केवल 50 मीटर की दूरी पर है। पर वहां सफाई इसलिए नहीं हुई है क्योंकि मोदी जिस रास्ते आए वो उसी रास्ते से वापस चले गए। मुख्य मार्ग के बगल में ही एक बिलबोर्ड के नीचे गंदगी का ढेर लगा है जो उस वृद्ध की बात को सच साबित करता है।
स्वच्छ भारत अभियान का पूरा कार्यक्रम ही राजपथ से हुआ। यही से मोदी ने लोगों को देश को साफ रखने की शपथ दिलाई थी। अगर आज वहीं जाकर देखें तो हर ओर कागज बिखरा पड़ा है। यहीं नहीं यहीं से कुछ दूरी पर इंडिया गेट जरा सी दूरी पर हरी फफूंदी और प्लास्टिक के कचरे की मोटी परत मिल जाएगी।