प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर राजधानी के बाकी हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति मांगी।
दिल्ली सरकार के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर दिल्ली सरकार सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां खोलने को तैयार है, इससे दिल्ली में अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी। इससे पहले 3 मई को मुख्यमंत्री लॉकडाउन 3.0 में जाने के केंद्र सरकार के फैसले से सहमत नहीं थे।
केजरीवाल की दलील थी कि कोविड-19 अब कहीं नहीं जा रहा। यह असंभव है कि कोरोना वायरस के मामले शून्य हो जाएं। अगले एक-दो महीने बाद इसका एक भी मामला सामने नहीं आएगा। हमें कोरोना वायरस के साथ रहने के लिए तैयार होना होगा। हमें इसका अभ्यस्त होना होगा।
अरविंद केजरीवाल का कहना था कि दिल्ली सरकार लॉकडाउन खोलने को तैयार है। इस बीच संक्रमण रोकने के लिए न सिर्फ बेहतर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि संक्रमित लोगों को बचाने के लिए बुनियादी ढांचा भी तैयार कर लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इसी लाइन पर मुख्यमंत्री ने सोमवार को भी प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान दिल्ली की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया गया। बैठक में केजरीवाल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में अभी किसी तरह की गतिविधियों को इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके अलावा बाकी दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां खोल दी जाएं।
पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
देश में जारी कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सोमवार को बैठक की। बैठक में कोरोना संकट और लॉकडाउन को लेकर चर्चा की गई और मुख्यमंत्रियों से सुझाव मांगे गए। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 27 अप्रैल को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की थी।
बैठक की शुरूआत में सबसे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सभी को संबोधित किया। इससे बाद पीएम मोदी ने अपनी बात रखी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई चीजों पर मुख्यमंत्रियों के साथ विचार विमर्श कर उनकी राय जानी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतरराज्यीय सप्लाई चेन को सुचारू रूप से बहाल करने की मांग की।
वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री का यह मानना था कि सिर्फ कंटेनमेंट जोन तक ही लॉकडाउन लागू रहना चाहिए। हालांकि, मंगलवार से करीब 50 दिन बाद शुरू होने जा रही रेल सेवा का तेलंगाना का मुख्यमंत्री ने विरोध किया।
कंटेनमेंट जोन से मानसरोवर गार्डन आया बाहर
कोरोना वायरस का संक्रमण न मिलने से दिल्ली का एक इलाका कंटेनमेंट जोन से बाहर कर दिया गया है। मानसरोवर गार्डन के डि-कंटेंड होने से अब दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या 81 है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक 19 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर आ गए हैं, जबकि दूसरे कई इलाकों को आने वाले दिनों में डि-कंटेंड किया जाएगा।