प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ग्रेटर नोएडा से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ-साथ अरनिया स्थित थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किया। टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट) प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस पावर प्लांट से पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
हालांकि पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर क्षेत्र के किसान पिछले दो साल से धरने पर बैठे हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक को ठोस नतीजा सामने नहीं आ पाया।
बता दें कि वर्ष 1993 में यूपीएसआईडीसी ने अरनिया क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए दशहरा, दशहरी, रुकनपुर, जहानपुर और ऊंचागांव में 1204 एकड़ भूमि अधिग्रहित की थी। लेकिन बाद में यूपीएसआईडीसी ने अधिग्रहित जमीन को टीएचडीसी को बेच दी थी। जहां पर टीएचडीसी ने 1360 मेगावाट पावर क्षमता का थर्मल पावर प्लांट बना रहा है।
शनिवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ साथ अरनिया स्थित इस थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किया। इस पावर प्लांट को बनने के बाद 60 प्रतिशत बिजली उत्तर प्रदेश में सप्लाई की जाएगी। वहीं 40 प्रतिशत बिजली बाहर भेजी जाएगी।
मुआवजे की मांग को लेकर दो साल से धरना दे रहे हैं किसान
टीएचडीसी के प्रोजेक्ट के तहत थर्मल पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले दो साल से धरने पर बैठे हैं। इसके चलते थर्मल पावर प्लांट का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया। धरने पर बैठे किसान सेवा समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि टीएचडीसी द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को मुआवजे के साथ-साथ घर के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया गया था। लेकिन आज तक न तो उन्हें उचित मुआवजा मिला और न ही परिवार के सदस्य को नौकरी।
उन्होंने कहा कि 15 मार्च 2017 से लेकर अब तक वह धरने पर बैठे हैं। कई बार डीएम से लेकर सांसद-विधायक तक सभी आश्वासन दे चुके लेकिन, सब झूठा साबित हुआ। किसान कुंवरपाल सिंह, योगेंद्र पाल सिंह, सतीश चंद्र सुशीला देवी आदि किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा सरकार नहीं देगी तब तक वह किसी भी हाल में काम नहीं होने देंगे। शनिवार को भी रामबाबू, मूर्ति देवी, राजेंद्री देवी, ऊषा देवी, कृष्णा देवी समेत काफी संख्या में महिला और पुरुष किसान धरने पर बैठे रहे।