आज का भारत प्रगति की रफ्तार से कोई समझौता नहीं कर सकता : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बड़े विजन का भारत है। ये बड़े लक्ष्यों का भारत है। आज का भारत प्रगति की रफ्तार से कोई समझौता नहीं कर सकता। और आप लोगों ने मुझे भली-भांति जाना भी है, पहचाना भी है, समझा भी है। आपने देखा होगा ना मैं छोटा सोच सकता हूं, ना मैं मामूली सपने देखता हूं, नहीं मैं मामूली संकल्प करता हूं। मुझे जो भी करना है विराट चाहिए, विशाल चाहिए, तेज गति से चाहिए। इसलिए कि मुझे 2047 में हिन्दुस्तान को विकसित भारत के रूप में देखना है दोस्तों। आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जी-जान से जुटे रहना है।
सेक्टर 84 में आयोजित कार्यक्रम में 16 राज्यों को विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए पीएम ने कहा कि देश ने आज आधुनिक कनेक्टिविटी की तरफ एक और अहम कदम उठाया है। आधुनिक तकनीकी के जरिये देश के कोने-कोने में लाखों लोग हमारे इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। एक जमाना था, दिल्ली के विज्ञान भवन से कार्यक्रम होता था, देश जुड़ता था।
'पहले सरकारें छोटी सी योजना की डुगडुगी पांच साल तक पीटती थीं'
पीएम मोदी ने कहा, वक्त बदल चुका है, आज गुरुग्राम में कार्यक्रम होता है, देश जुड़ जाता है। हरियाणा ये सामर्थ्य दिखा रहा है। उन्होंने कहा, ये आधुनिक एक्सप्रेसवे गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जिंदगी में भी गियर शिफ्ट करने का काम करेगा।
मोदी ने कहा, पहले की सरकारें छोटी सी कोई योजना बनाकर, छोटा सा कार्यक्रम करके उसकी डुगडुगी पांच साल तक पीटती रहती थीं। वहीं, भाजपा सरकार जिस रफ्तार से काम कर रही है, उसमें शिलान्यास-लोकार्पण के लिए समय कम पड़ रहा है, दिन कम पड़ रहे हैं। 2024 के तीन महीने भी पूरे नहीं हुए और 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का या तो शिलान्यास किया है, या तो लोकार्पण हो चुका है। ये वे परियोजनाएं हैं जिनमें मैं खुद शामिल हुआ हूं।
द्वारका एक्सप्रेवे पर पैदल चलकर किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेवे पर पैदल चलकर निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उसके साथ मौजूद रहे।
समस्याओं को संभावनाओं में बदल देना, ये मोदी की गारंटी : प्रधानमंत्री
मोदी ने कहा, समस्या व संभावना में सिर्फ सोच का फर्क होता है। समस्याओं को संभावनाओं में बदल देना, ये मोदी की गारंटी है। द्वारका एक्सप्रेसवे इसका बड़ा उदाहरण है। आज जहां द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है, एक समय शाम ढलने के बाद लोग इधर आने से बचते थे। टैक्सी ड्राइवर मना कर देते थे इधर आने के लिए। इलाके को असुरक्षित समझा जाता था। लेकिन, आज कई बड़ी कंपनियां यहां प्रोजेक्ट्स लगा रही हैं। ये इलाका एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल हो रहा है।