प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में नोएडा सेक्टर-30 स्थित डीपीएस स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं के छात्र शिवांश धर का जिक्र किया और अपनी किताब एग्जाम वॉरियर्स के संबंध में छात्रों को जवाब दिया। शिवांश ने प्रधानमंत्री की लिखी गई किताब पढ़ने के बाद प्रधानमंत्री को ई-मेल किया था जिसका जवाब मोदी ने ई-मेल से दिया था।
जलवायु विहार निवासी शिवांश का कहना है कि प्रधानमंत्री के ई-मेल से वह बेहद खुश हैं। उम्मीद नहीं थी कि वहां से ई-मेल का उत्तर आएगा। इस किताब की सबसे अच्छी बात यह लगी कि इसमें एग्जाम को त्योहार की तरह लेने को कहा गया है। पीएम से इसी तरह से एग्जाम की तैयारियों का वादा भी किया था। अप्रैल में 10वीं कक्षा के हर सेक्शन से एक बच्चे को ये किताब दी गई थी।
ये किताब स्कूल में हुए एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने दी थी। किताब पढ़ने के बाद बहुत पसंद आई थी। इसमें सरल भाषा का प्रयोग किया गया है। इसे किताब से असफलताओं से मुकाबला करने और उन्हें फिर से न दोहराने की सीख मिली। ई-मेल पर प्रधानमंत्री की तरफ से शिवांश को धन्यवाद मेल भी आया। उन्होंने शिवांश को कहा कि परीक्षा को चैलेंज की तरह लें, कभी परीक्षा से डरे नहीं। वहीं, शिवांश की मां संगीता धर ने बताया कि ये उनके लिए बहुत खुशी की बात है कि उनके बेटे को प्रधानमंत्री ने उत्तर दिया है।
क्या है एग्जाम वॉरियर्स
बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्रों में तनाव रहता है। डर से कई बार छात्र खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने किताब लिखी थी। इसका नाम एग्जाम वॉरियर्स है जिसका अर्थ है परीक्षा के योद्धा। ये किताब बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर आधारित है। इसमें परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए ट्रिक बताई गई हैं।