बॉलीवुड मूवी ‘ए वेडनेस-डे’ देखकर एक 15 साल के किशोर ने पुलिस को गाजियाबाद के आरकेपुरम में बम होने की फर्जी सूचना दे दी। वह घर से ही बैठकर लैपटॉप से डायल-100 पर बम की सूचना बार-बार देता रहा और पुलिस बार-बार उसके बताए स्थान पर दौड़ती रही। तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस आखिरकार सूचना देने वाले तक पहुंची तो चैन की सांस आई। एक नाबालिग लड़का पुलिस को परेशान करने के लिए यह फर्जी सूचना दे रहा था। परिजनों के माफी मांगने पर पुलिस ने चेतावनी देकर आरोपी किशोर को छोड़ दिया है।
मामला 24 जनवरी की शाम और 25 जनवरी की सुबह का है। गणतंत्र दिवस से पहले गोविंदपुरम, आरकेपुरम समेत शहर की 9 जगहों पर बम लगे होने सूचना पुलिस के डायल-100 पोर्टल पर मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने दो पीआरवी, एसएचओ कविनगर, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाएड, फायर ब्रिगेड और साइबर सेल को अलर्ट कर मौके पर भेजा। साइबर सेल के अधिकारी सूचना देने वाले को ट्रेस करने में जुट गए।
सूचना देने वाले ने मोबाइल नंबर भी गलत दिया था, इसके चलते पुलिस को उसे ट्रेस करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने आनन-फानन में बम होने वाले स्थानों की चेकिंग कराई, लेकिन वहां बम या विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। 25 जनवरी की सुबह फिर से पुलिस को ऐसी ही सूचना मिली तो अधिकारी फिर अलर्ट हो गए। साइबर सेल के एक्सपर्ट ने वाई-फाई और कंप्यूटर के आईपी एड्रेस को ट्रेस कर सूचना देने वाले को ट्रेस कर लिया।
26 जनवरी की देर रात पुलिस ने इस घटना का खुलाया किया। एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि भ्रामक व दहशत फैलाने वाली सूचना 15 साल के किशोर ने अपने घर पर लगे वाई-फाई इंटरनेट का इस्तेमाल कर दी थी। उसने अपने लैपटॉप का इस्तेमाल किया था और उसे ट्रेस करना आसान न हो इसके लिए मोबाइल नंबर का एक डिजिट कम लिख दिया था। पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसने ‘ए वेडनेस-डे’ फिल्म देखकर यह सब किया था।
चेतावनी देकर छोड़ा
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि पूछताछ के लिए किशोर को कस्टडी में लिया गया था, लेकिन यह तस्दीक हो गया कि वह यह सब किसी अन्य के कहने पर नहीं कर रहा था। परिजनों और किशोर ने इसके लिए अपनी गलती मानी। किशोर के भविष्य को देखते हुए चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया है।
पुलिस को बताया था कि गाजियाबाद में होंगे सीरियल ब्लास्ट
अधिकारियों के मुताबिक डायल-100 पर बम की जो सूचना दी गई थी, उसमें कहा गया था कि गोविंदपुरम में सात और घंटाघर कोतवाली क्षेत्र के दो स्थानों पर बम लगे हुए हैं। जल्द ही जाकर तलाश लो, वरना गाजियाबाद में सीरियल ब्लास्ट होंगे। सब कुछ तबाह हो जाएगा। इस सूचना के मिलते ही पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। वह बिना समय गवाएं बताए गए स्थानों पर बम तलाशने निकल गए।