प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का सड़क मार्ग से नोएडा के सैमसंग कंपनी तक आना सुनिश्चित हो गया है। दोनों पहले दिल्ली में महात्मा गांधी के चित्र पर फूल अर्पित करेंगे। वहां से सड़क मार्ग से नोएडा पहुंचेंगे। सूत्र बताते हैं कि दोनों को पहले हेलीकॉप्टर से नोएडा सेक्टर-81 स्थित सैमसंग कंपनी का उद्घाटन करने के लिए आना था, सिक्योरिटी समेत अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया कि सड़क मार्ग ज्यादा सुरक्षित रहेगा। मात्र 20 मिनट के सफर के लिए हेलीकॉप्टर से आना ठीक नहीं समझा गया।
साथ ही, मानसून के कारण हवा, आंधी या बारिश भी परेशान कर सकती है। मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर उड़ाना जोखिम भरा रहता है। मोदी सबसे पहले 9 जुलाई को शाम 4 बजे दिल्ली स्थित 30 जनवरी मार्ग गांधी स्मृति स्थल पहुंचेंगे। यहां पर केंद्रीय संस्कृति व पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वहां पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति आएंगे। उनका स्वागत खुद मोदी करेंगे। सभी नेता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। यह पूरा कार्यक्रम करीब 4:30 बजे तक चलेगा।
इसके बाद काफिला यहां से नोएडा की ओर चलेगा। गांधी स्मृति स्थल से नोएडा सैमसंग कार्यक्रम स्थल की दूरी 30 किलोमीटर है। वहां से करीब 20 मिनट ही नोएडा पहुंचने में लगेंगे। सैमसंग कंपनी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य लोग पीएम और कोरियाई राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में पीएम की कोई जनसभा नहीं है, लेकिन सैमसंग कंपनी के लेक्चर हॉल में ही पीएम व दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का संबोधन होगा। करीब 5:30 बजे दोनों नेता सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
कार्यक्रम में शामिल होंगे चुनिंदा मेहमान
पुलिस-प्रशासन ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम आयोजित करने वाली कंपनी सैमसंग भी अलर्ट है। कंपनी की तरफ से गिनेचुने लोगों को ही कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। सैमसंग की नोएडा स्थित यूनिट के दिल्ली-एनसीआर में करीब 70 से 80 वेंडर बताए जाते हैं, लेकिन 9 जुलाई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए महज 7 वेंडर यूनिटों के प्रबंध निदेशकों को आमंत्रित किया गया है। इतना ही नहीं, कंपनी की पुरानी इकाइयों में तैनात हजारों कर्मचारियों व अधिकारियों में से चुनकर ही कुछ लोग कार्यक्रम में बुलाए गए हैं।