ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो-मार्ट में आयोजित किए जा रहे ग्लोबल कंवेंशन कॉर्पोरेशन ऑफ पार्टीज-14 (कॉप-14) में सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वीवीआईपी पहुंचे हैं। इस मौके पर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचने वाले थे लेकिन उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। दरअसल मुख्यमंत्री योगी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने दिल्ली जाएंगे। वहां वह रक्षा एक्सपो को लेकर उनसे बैठक करेंगे।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में कॉप-14 सम्मेलन में कुल 196 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे लेकिन यहां पाकिस्तान डेलिगेट्स की सीट खाली पड़ी रही। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताकर किया।
पीएम के संबोधन की बड़ी बातें
-पीएम मोदी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति और मनुष्य के बीच में जो संबंध है वह भी बताया।
- भारतीय संस्कृति में धरती मां है। हम सुबह उठकर जब धरती को स्पर्श कर प्रणाम करते हैं तो उसका मतलब है कि हम उसे धन्यवाद दे रहे हैं।
- इस समय पूरा विश्व क्लाइमेट चेंज की समस्या से जूझ रहा है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्रकृति की रक्षा करने के हर प्रयास में आगे रहेगा।
- हमारे सामने तीन बड़ी चिंताएं हैं।
- जलवायु परिवर्तन का धरती पर नकारात्मक असर पड़ता है।
- मैं यूएनसीसीडी के सदस्यों से जल संरक्षण योजना बनाने का आह्वान करता हूं।
- किसान की आय दोगुनी करने का भी प्रयास है।
- जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग पर भी हम ध्यान दे रहे हैं।
- हम सिंगल यूज प्लास्टिक को गुड बाय कहने का हर प्रयास कर रहे हैं।
- हम प्रकृति संरक्षण में हर किसी का प्रयास चाहते हैं। हमने स्वच्छ भारत अभियान में ये करके दिखाया जहां हर वर्ग के लोग इससे जुड़े। सिंगल यूज प्लास्टिक के मामले में भी हम यही चाहते हैं।
- इस मामले युवा सबसे आगे आते हैं।
- भारत अपने अन्य मित्र देशों की भूमि विकास में भी मदद करने को तत्पर है।
- हमारे पूर्वजों की सोच बहुत ऊंची थी। वह मैं और हम के रिश्ते में विश्वास रखते थे। सबकी उन्नति की बात करते थे। वह जल, थल, वायु, वनस्पति, पशु, पक्षी सबसे रिश्ते की बात करते थे। वह विश्व एक परिवार है ऐसी धारणा रखते थे और हमें भी इसी पर काम करना चाहिए।
क्या है कॉप?
कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज यानी कॉप, कंवेंशन का सर्वोच्च निर्णायक निकाय है। कन्वेंशन के सभी राज्य जो इसके प्रतिनिधि हैं वह सभी कॉप में हिस्सा लेकर यह विचार विमर्श करते हैं कि जो बातें लागू पिछले कंवेंशन में तय हुई थी वह लागू हुई कि नहींकिसी भी अन्य कानूनी उपकरणों के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हैं जो सीओपी अपनाता है और कंवेंशन के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निर्णय लेता है, जिसमें संस्थागत और प्रशासनिक व्यवस्था भी शामिल है।