हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को वह याचिका खारिज कर दी जिसमें सेंट स्टीफंस कॉलेज की दाखिला समिति में एक अतिरिक्त ईसाई सदस्य को मनोनीत करने को चुनौती दी गई थी। इस सदस्य की नियुक्ति सुप्रीम काउंसिल ने कॉलेज में ईसाई विद्यार्थियों के दाखिले के साक्षात्कार के संबंध में समिति में की थी।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने कॉलेज के तीन प्रोफेसर की ओर से दायर उक्त याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने इससे पहले याचिका पर सुनवाई के बाद ईसाई विद्यार्थियों के दाखिले के लिए होने वाले साक्षात्कारों पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।
पेश याचिका दायर कर कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के सदस्यों एनपी एशले, अभिषेक सिंह व नंदिता नारायण ने सुप्रीम काउंसिल की 12 मार्च की बैठक में लिए गए फैसले को चुनौती दी थी।
आरोप लगाया था कि बैठक में दाखिला समिति में एक अतिरिक्त ईसाई सदस्य का निर्णय दाखिला प्रक्रिया में दखल की मंशा से लिया गया था और यह दाखिला समिति के सिद्धातों के खिलाफ है।
सुप्रीम काउंसिल में चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के सदस्य व इसके द्वारा मनोनीत सदस्य होते हैं। यह काउंसिल कॉलेज की गवर्निंग बॉडी से ऊपर होती है। कॉलेज ने विरोध करते हुए कहा था कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि दाखिला समिति में गवर्निंग बॉडी के सदस्यों को मनोनीत किया जा सकता है और सुप्रीम काउंसिल के सभी सदस्य इसके भी सदस्य होते हैं। इस सदस्य के मनोनयन से किसी का भी संवैधानिक या कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं हो रहा है।