ग्रेटर नोएडा जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका रद्द कर दी गई। अब अविश्वास प्रस्ताव का रास्ता साफ हो गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में इस बारे में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिन जिला पंचायत सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनमें से चार के हस्ताक्षर फर्जी हैं। इस आधार पर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
जस्टिस एपी शाही और जस्टिस बिड़ला की बैंच ने इसकी सुनवाई की। दूसरे पक्ष की ओर से अधिवक्ता केसरी नाथ त्रिपाठी थे। दूसरे पक्ष की ओर से हस्ताक्षरों को सही बताया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका रद्द कर दी।
इस याचिका के रद्द होने से अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा वोटिंग के लिए 18 जुलाई निश्चित की गई है।