राजधानी में 90 फीसदी से ज्यादा लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं,लेकिन प्लाज्मा दान करने को लेकर लोगों के मन में अभी भी कई प्रकार की भ्रांतियां है। इस कारण संक्रमण के मरीजों को आसानी से प्लाज्मा डोनर नहीं मिल रहे हैं।
उत्तरप्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली नीलम के 37 वर्षीय भाई को पिछले सप्ताह कोरोना संक्रमण हुआ। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। संक्रमण के बाद मरीज को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी।
अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें प्लाजमा देने के लिए डोनर लाने के लिए कहा। मरीज के परिजनों ने दो दिन तक लोगों से प्लाजमा देने की अपील की ,लेकिन कोई भी आगे नहीं आया।
नीलम ने बताया कि अधिकतर लोग यह कह देते थे कि अभी वह प्लाज्मा नहीं दे सकते। नीलम दो दिन से अपने भाई के लिए प्लाज्मा डोनर खोज रही हैं। सफदरजंग अस्पताल के पूर्व डॉक्टर विजय कुमार बताते हैं कि लोगों में प्लाज्मा दान करने को लेकर अभी भी काफी भ्रांतिया हैं। उन्हें लगता है कि इसे दान करने से उनके अंदर कोई कमी आ जाएगी। इसलिए जरूरत है कि सभी को इसके लिए प्रेरित किया जाए।