कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश महासचिव राजीव त्यागी (52) का बुधवार देर शाम दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। शाम पांच बजे एक न्यूज चैनल के डिबेट में हिस्सा लेने के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें कौशांबी के यशोदा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निधन की जानकारी मिलते ही वसुंधरा स्थित उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया।
त्यागी गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-16 में परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी शिक्षिका हैं और उनके दो बेटे हैं। यशोदा अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील डागर ने बताया, शाम करीब साढ़े छह बजे त्यागी को अस्पताल लाया गया था। उन्हें टीवी डिबेट के दौरान दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि अस्पताल आने से पहले ही उनकी सांसे थम चुकी थीं।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। राहुल ने ट्वीट किया, कांग्रेस ने एक बब्बर शेर खो दिया। उनके कांग्रेस प्रेम व संघर्ष की प्रेरणा हमेशा याद रहेंगे। वहीं, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट किया, आज शाम पांच बजे हम दोनों एक चैनल के डिबेट में शामिल थे। जीवन बहुत ही अनिश्चित है। भगवान राजीव जी को अपने चरणों में स्थान देना।
लोकदल से की राजनीति की शुरुआत
त्यागी ने राजनीति की शुरुआत लोकदल से की थी। चौधरी अजित सिंह की पार्टी लोकदल में वह गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष रहे। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को गाजियाबाद आगमन पर त्यागी ने काला झंडा दिखाया था। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। यहां से उन्होंने राजनीति में अलग पहचान बनानी शुरू कर की। इसके बाद 2005-06 में वह कांग्रेस में शामिल हुए। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया था। इसके बाद वह राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद तक पहुंचे।