पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कहने पर मेवात मॉड्यूल मंसूबों में कामयाब होता तो खतरनाक परिणाम होते। मेवात मॉड्यूल के सदस्यों को बड़े उद्योगपति या व्यवसायी का अपहरण करना था।
आतंकी पाक में बैठे लश्कर कमांडर को इसकी जानकारी देते। फिर, लश्कर दुबई में बैठे लोगों को आदेश देता और उद्योगपति को रिहा करने की एवज में दुबई से ही भारत में करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी जाती।
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की कस्टडी में मौजूद मेवात के मौलवी मो. राशिद ने ये खुलासा करते हुए बताया कि फिरौती की रकम से अवैध हथियार खरीदे जाते और इनसे दिल्ली में कई जगह फिदायीन हमले करने थे। मुजफ्फरनगर व गोपालगढ़ दंगों का बदला लेने के लिए फिदायीन हमले किए जाने थे।
जांच में यह बात सामने आई है कि लश्कर ने मेवात में ऐसे लोगों को मॉड्यूल के लिए चुना, ताकि ये लोग ज्यादा से ज्यादा युवकों को बहलाकर मॉड्यूल में भर्ती कर सकें। स्पेशल सेल ने मॉड्यूल के मास्टर माइंड का पता करने के लिए शामली, मुजफ्फरनगर के लियाकत और जमीर को पूछताछ के लिए फिर से दिल्ली बुलाया है।
मालूम हो कि दिल्ली पुलिस ने इस दोनों को सरकारी गवाह बनाया है और कोर्ट में इनके बयान कराए थे। दिल्ली पुलिस इन दोनों के जरिये मास्टर माइंड सुभान को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दे रही है।