ग्रेटर नोएडा के एल्डिको गोलचक्कर पर शुक्रवार को बिरौंडा गांव के लोगों ने श्मशान में शव जलाने को लेकर हंगामा कर दिया। गांव के लोगों ने पुराने श्मशान स्थल पर शव रखकर धरना दिया। प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
गांव बिरौड़ी चक्रसेनपुर की श्मशान की भूमि एक बिल्डर के प्रोजेक्ट के बीच में आ रही थी। प्राधिकरण की ओर से श्मशान के लिए उतनी ही भूमि प्रोजेक्ट के बाद दे दी गई। वहीं, गांववासी नई भूमि के बजाए पुराने श्मशान पर ही शव जलाने की मांग करते रहे हैं। शुक्रवार को पास के गांव बिरौंडा में एक महिला की मौत हो जाने के बाद गांववासी पुराने श्मसान की भूमि में ही शव को जलाना चाहते थे।
बिल्डर के कर्मियों ने गांववासियों को ऐसा करने से रोका तो उन्होंने हंगामा कर दिया। इसके बाद प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को श्मशान के लिए दी गई नई भूमि पर जाने के लिए कहा। इस पर लोग एल्डिको गोलचक्कर पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। बाद में अधिकारियों ने गांववासियों को समझाकर नए स्थान पर भेज दिया। वहीं, गांव बिरौड़ी चक्रसेनपुर के लोगों ने भी श्मशान के लिए रास्ता छोड़े जाने के लिए जिलाधिकारी से मांग की। उनका कहना है कि भूमि का अधिग्रहण अवैध है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए।