आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में अदालत 42 आरोपियों के खिलाफ अब 25 जुलाई को अभियोग तय करेगी। इनमें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, निलंबित क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला सहित दर्जनों बुकी शामिल हैं।
23 मई को पटियाला हाउस अदालत में सुनवाई के बाद इस बाबत फैसला सुरक्षित रखा गया था। जिसे आज भी सुरक्षित ही रख लिया गया। ज्ञात हो कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जांच के बाद छह हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है।
इसमें 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी संगठित अपराध सिंडीकेट के मेंबर हैं और मैच फिक्सिंग व सट्टा रैकेट में शामिल हैं।
कोर्ट में पेश किया गया था कॉल डिटेल रिकॉर्ड
आरोपों की पुष्टि के लिए आरोपियों के बीच मोबाइल पर बातचीत की रिकार्डिंग को साक्ष्य के तौर पर पेश किया है।
पटियाला हाउस कोर्ट में 23 मई को सुनवाई के दौरान अभियोजन के वकील राजीव मोहन ने तर्क रखा कि कॉल डिटेल रिकार्ड यह बात साबित करता है कि आरोपियों के बीच मैच फिक्सिंग के जरिये पैसा कमाने के लिए गठजोड़ था।
उधर, बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
दाऊद-शकील फरार, अंकित जमानत पर
सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना कृष्णा बंसल ने 23 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। 2 आरोपियों में से दाऊद, छोटा शकील समेत छह आरोपी फरार हैं।
पुलिस का दावा है कि मैच फिक्सिंग के पीछे दाऊद व छोटा शकील का हाथ है। यह दोनों विदेश से भारत में मैच फिक्सिंग व सट्टे का रैकेट चलाते हैं।
अदालत ने पुलिस के आवेदन पर दाऊद इब्राहिम व छोटा शकील को भगौड़ा घोषित कर चुकी है। वहीं, मकोका मामले में पर्याप्त साक्ष्य न होने के मद्देनजर अदालत ने श्रीसंत, अंकित चौहान व अन्य आरोपियों को 10 जून 2013 को जमानत प्रदान कर दी थी।