फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'आखिर दिल्ली को क्या हो रहा है..सरकार ठोस कदम क्यों नहीं उठाती?'

Thu, 02 Jun 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे और अब  नस्लीय अपराध भी शुरू हो गए हैं। अदालत ने यह तल्ख टिप्पणी हाल ही में अफ्रीकी मूल के नागरिक की हत्या मामले पर की।
विज्ञापन


इतना ही नहीं अदालत ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद यदि पुलिस समय पर घटनास्थल पर पहुंचती है तभी उसकी क्षमता की जांच होगी। पुलिस के लिए मौके पर पहुंचने के लिए उसी प्रकार समय सीमा तय करने की जरूरत है जिस प्रकार पिज्जा कंपनी आधे घंटे में उसे पहुंचाने की गारंटी देती है।

न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति आरके गाबा की खंडपीठ ने महिला सुरक्षा मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आखिर दिल्ली को क्या हो रहा है। आम लोग कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ले रहे है। सरकार इस संबंध में ठोस कदम क्यों नहीं उठाती। अदालत वसंत विहार गैंगरेप मामले के बाद महिलाओं की सुरक्षा मुद्दे पर स्वयं संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रही है। 
विज्ञापन

'पिज्जा ब्वाय की तरह समय सीमा की गारंटी दे पुलिस'

कोर्ट - फोटो : file photo
अदालत ने सुनवाई 27 जुलाई तय करते हुए केंद्र सरकार को सभी मुद्दों पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत ने केंद्र व दिल्ली सरकार के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा लोगों ने आप को चुना है, आपको उनका विश्वास बनाए रखना होगा। 

अदालत ने कहा कि आपको जवाब देना ही होगा और जनता की रक्षा व सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अदालत ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि अपराध संबंधी घटनास्थल पर फिंगर प्रिंट लेने वाले अधिकारी विशेषज्ञ नहीं है।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने अदालत को बताया कि पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 की संख्या 60 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए बनाई गई हेल्पलाइन की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है।

अदालत ने उनसे पूछा कि हेल्पलाइन नंबर 1091 पर शिकायत मिलने के बाद पुलिस कितनी देर में घटनास्थल पर पहुंच जाती है।  यदि पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचती है तभी लोग स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगे। अदालत ने पूछा कि क्या महिलाएं ज्यादा शिकायत 100 नंबर पर ही करती है।
विज्ञापन

'जनता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए सरकार'

अदालत
अदालत ने कहा कि यदि पुलिस तय समयसीमा में पहुंचती है तभी उसकी क्षमता की जांच होगी, वरना नहीं। केंद्र सरकार ने अदालत को महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 370 अतिरिक्त पुलिस वैन की मंजूरी दी गई है। 

इसी प्रकार 78 स्थानों की पहचान कर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए है। डीटीसी की 200 बसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने सभी सार्वजनिक वाहनों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। सभी सिविक एजेंसियों के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मोबाइल फोरेंसिक टीम क्यों नहीं
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्यों नहीं मोबाइल फोरेंसिक टीम बनाई जाती जो अपराध स्थल पर सीधे सैंपल एकत्रित करने के लिए पहुंच जाए। इससे पुलिस के समय की बचत होगी और जांच की गुणवत्ता में वृद्धि हो जाएगी।

पुलिसकर्मियों की भर्ती
अपराध रोकने व जांच प्रक्रिया अलग करने के मुद्दे पर केंद्र ने बताया कि 4227 पदों का सृजन करने पर गृह मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय कमेटी के गठन किया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद वित्त मंत्रालय की जल्द मंजूरी मिल जाएगी इस पर निर्णय हो चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें