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आज़ाद से प्रेरणा लेकर युवा समाज सेवा में जुट जाएं : पीयूष पंडित

Sun, 23 Jul 2017 05:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, दिल्ली
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चंद्रशेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि
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अपने आजाद नाम को सार्थक कर देने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनके जन्मदिवस पर याद किया गया। स्वर्ण भारत परिवार ने जंतर-मंतर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और युवाओं से देश हित में काम करने की अपील की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष पंडित ने उनके जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद का एक नारा था कि ''आजाद हैं और आजाद ही रहेंगे'' अंग्रेज कभी उनके शरीर को हाथ नहीं लगा पायेंगें। सचमुच जीते जी अंग्रेज उन्हें हाथ नहीं लगा पाए। वो मरते दम तक आजाद रहे। माना जाता है कि उनकी अस्थिभस्म के साथ जो भीड़ उमड़ी थी, वैसी भीड़ इलाहाबाद नगर में कभी नहीं उमड़ी। 
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पीयूष पंडित ने आजाद तथा अन्य क्रांतिकारियों के जीवन पर और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, बटूकेश्वर दत्त, अशफाक उल्ला खान, रामप्रसाद बिसमिल, गणेश शंकर विद्यार्थी और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी युवाओं के बलिदान से ही आजादी मिली है और आज लोग उन्हें ही भूलते जा रहे हैं। 
आज के युवाओं को नहीं भूलना चाहिए कि आजाद हवा की हर एक सांस में उन मतवालों की महक है। आजादी के हर एहसास में उस क्रान्ति की धमक है। आज हम आजाद हैं पर सिर्फ उन सबकी कुर्बानियों की बदौलत। 
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इसीलिए स्वर्ण भारत परिवार हमेशा कोशिश करता है कि उन महान क्रांतिकारियों को कम से कम उनकी जयंती पर याद किया जाए। इस कड़ी में सभी महान क्रांतिकारियों का जन्मदिवस मनाया जाता है।  इन महान क्रांतिकारियों के पद चिन्हों पर चलते हुए स्वर्ण भारत परिवार ने भी शपथ ली है कि अन्याय का सदा विरोध करेंगे। रायबरेली हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाएंगें और जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक आंदोलन यूं ही चलता रहेगा।

आजाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने में राष्ट्रीय परशुराम सेना के अनूप दुबे, रवि सिंह, गर्गवंशम से अरविंद पण्डित, अष्टभुजा तिवारी जैसे बहुत से गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
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