बाहरी जिला की स्पेशल स्टाफ ने द्वारका इलाके से पांच साल पहले चोरी हुई हवलदार की पिस्टल बरामद कर ली है। पुलिस ने पिस्टल रखने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने पिस्टल को एक रिक्शे वाले से पंद्रह हजार रुपये में खरीदी थी। पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और सात कारतूस बरामद कर लिया है। आरोपी ने पिस्टल के नंबर को मिटा दिया था।
जिला पुलिस उपायुक्त ए कोन ने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तम नगर निवासी अंगद कुमार(38) के रूप में हुई है। हवलदार नवीन स्पेशल ब्रांच में तैनात था। 15 मार्च 2015 को वह किसी काम से सेक्टर 8 द्वारका स्थित एसबीआई बैंक गया था। जहां उसकी कार से उसकी सर्विस पिस्टल और 10 कारतूस चोरी हो गई थी।
21 फरवरी 2020 को स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक अजमेर सिंह को सूचना मिली कि दिल्ली पुलिस के हवलदार की सर्विस पिस्टल चोरी करने वाला शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन के पास आने वाला है। मुखबिर के इशारे पर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में उसने बताया कि वह फाइनेंस का काम करता है। उसके पास एक खिलौना पिस्टल भी है। पैसे नहीं देने वालों को वह पिस्टल से डराता था।
उसने बताया कि 2015 में उसने पिस्टल एक रिक्शे चालक से 15 हजार रुपये में खरीदी थी। रिक्शा चालक ने उसे बताया कि पिस्टल उसे एक झाड़ी में पड़ी मिली थी। उसने बताया कि उस समय उसके मैगजीन में आठ गोलियां थी। एक गोली उसने ट्रायल के तौर पर हवा में चलाई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। वह पिस्टल का इस्तेमाल लोगों को डराने के लिए करता था।