गुड़गांव में अपनी लाडो के लिए इंसाफ की जंग लड़ रहे कासन गांव के लोगों ने मतदान दिवस को खास बना दिया। उन्होंने पिंकी के लिए इंसाफ की लड़ाई को जारी रखते हुए आने वाली प्रदेश सरकार से इंसाफ मिलने की आस में मतदान किया।
छात्रा पिंकी के आत्मदाह के मामले में सुर्खियों में आए कासन गांव में बुधवार का दिन बदला-बदला दिखा। पिंकी को खोने के गम और प्रशासन के रवैये से उग्र हुए ग्रामीण शांत दिखे।
उनकी आंखों में उम्मीद दिखी कि नई सरकार पिंकी को न्याय अवश्य देगी। कासन को लेकर प्रशासन भी काफी सतर्क दिखा। वोट डालने के बाद ज्यादातर लोग पिंकी के घर की ओर जाते दिखे। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए ग्रामीणों ने इंसाफ की लड़ाई में खुद के शामिल होने का अहसास कराया।
चार दिन पहले भतीजी को खोने वाले चाचा बुझे मन से सिर्फ इसलिए लौटे कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकें। मतदान के बाद लौटते वक्त चाचा सुरेश चौहान ने सिर्फ इतना कहा कि यह मतदान पिंकी को समर्पित था।
हालांकि, पिंकी के घर के शोकाकुल माहौल में घर के काफी सदस्यों के पैर मतदान केंद्र की तरफ नहीं निकल पाए। कासन के बदले माहौल को देखते हुए प्रशासनिक अफसरों ने भी राहत की सांस ली। जिला उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने कहा कि वे ग्रामीणों के निर्णय की तारीफ करते हैं। उन्होंने कहा कि पिंकी के परिजनों को पूरा इंसाफ मिलेगा।