गुड़गांव की छात्रा पिंकी को इंसाफ दिलाने के लिए आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। पिंकी न्याय मंच और कासन छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले गांव भोंडसी, कासन, बढा समेत 63 गांवों के मौजिज लोग गुड़गांव जिला प्रशासन कार्रवाई से अंसतुष्ट होकर जंतर-मंतर पर एकजुट हो रहे हैं।
बता दें कि बीते 29 सितंबर को एमडीयू (महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी) के खराब रिजल्ट के विरोध में हंगामा शुरू हुआ था। जिसके बाद छात्रा पिंकी ने आत्मदाह कर लिया और बाद में छात्रा की मौत सफदरजंग अस्तपताल में हो गई थी।
जिसमें कॉलेज प्रशासन पर आत्मदाह के लिए उकसाने का अरोप लगा था। गुड़गांव प्रशासन की कार्रवाई से अंसतुष्ट होकर पिंकी न्याय मंच और कासन छात्र आंदोलन समिति ने बीते दिनों हुई पंचायत में जंतर-मंतर पर धरना देने का निर्णय लिया था।
मंगलवार को गुड़गांव के हीरानगर में पिंकी न्याय मंच और कासन छात्र आंदोलन समिति ने बैठक कर अपनी रणनीति को आगे बढ़ाया। पूर्व सरपंच वीरपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 05 नवंबर को दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक जंतर-मंतर पर धरना देने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद उपराष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर छात्रा पिंकी की आत्मदाह, कॉलेज प्रशासन की भूमिका और एमडीयू के शिक्षण व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से न्याययिक जांच कराने की मांग की जाएगी।
अभी तक पूरे आंदोलन से दूर रहने वाली छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी अब इसपर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
बैठक में मौजूद कासन के पूर्व सरपंच संजय राघव ने कहा कि छात्रा पिंकी के मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मौत से पहले पिंकी के बयान दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है। जिसकी वजह से अब जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
न्याय मंच के अध्यक्ष रवि राघव ने कहा कि उपराष्ट्रपति को ज्ञापन देकर यूनिवर्सिटी समेत सभी मुद्दों की जांच की मांग की जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, महिला बाल विकास, मानव संसाधन मंत्रालय को दिया ज्ञापन देकर जांच की मांग की जाएगी।