अदालत ने पिंजरा तोड़ संगठन की महिला सदस्य देवांगना कलीता को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे शनिवार को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया था। कलीता पर संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में दरियागंज इलाके में हुई हिंसा में लिप्त होने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवांगना कलीता को न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार किया है। इससे पहले उसे कोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और इस दौरान वह मंडोली जेल में बंद थीं।
न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद पुलिस ने कलीता को जेल परिसर स्थित ड्यूटी एमएम के समक्ष पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
इस बीच पुलिस ने ड्यूटी एमएम के समक्ष दावा किया कि दिसंबर में दरियागंज इलाके में हुई हिंसा के संबंध में कलीता के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। इस दौरान एक कार को आग लगा दी गई थी और पथराव किया गया था।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कलीता के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ इससे पहले भी दो मामलें दर्ज हैं। पहला मामला जाफराबाद पुलिस ने अवैध प्रदर्शन को लेकर दर्ज किया था, जबकि दूसरा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान हिंसा भड़काने के संबंध में दर्ज किया था।