चिड़ियाघर में मादा घड़ियाल की मौत मामले की जांच के लिए गठित पैनल ने पांच कर्मचारियों को दोषी पाया है। इसमें असिस्टेंट कीपर, दो हेड कीपर, बायोलॉजिकल असिस्टेंट और वेटरिनरी ऑफिसर शामिल है।
दरअसल, बीते 24 अप्रैल को चिड़ियाघर में मादा घड़ियाल की मौत हो गई थी। मामले ने तब तूल पकड़ा था जब मादा घड़ियाल का शव सड़ी गली अवस्था में मौत के तीन दिन बाद मिला था। इसके बाद दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद एक पैनल जांच के लिए गठित किया गया था जिसने जांच के दौरान पांच कर्मचारियों को दोषी पाया है। जांच में पाया गया कि असिस्टेंट कीपर ने रिकॉर्ड में मादा घड़ियाल को ठीक दिखाया था। वहीं, हेड कीपर ने जांच करना जरूरी नहीं समझा और अस्थायी कर्मचारी के कहने पर रिकॉर्ड को सही माना।
वहीं, वेटरिनरी ऑफिसर ने भी बाड़े में पहुंचकर घड़ियाल की जांच नहीं की जबकि यह ड्यूटी के नियम के खिलाफ है। इसको देखते हुए पांचों कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। इसके साथ ही चिड़ियाघर के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को मादा घड़ियाल मृत पाई गई थी। साथ ही घड़ियाल के सड़े हुए शव के पास कुछ अंडे भी मिले थे। बताया जा रहा था की घड़ियाल अपने बाड़े से निकलकर नजदीक में बन रहे एक सूखे तालाब में कूद गई थी। इस कारण उसके पेट पर चोट आ गई थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।