राजधानी में सफाईकर्मियों की जारी हड़ताल के खत्म करने पर असमंजस की स्थिति है। कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म हो गई है।
वहीं, दिल्ली सरकार का भी दावा है कि सफाई कर्मियों की हड़ताल को वापस ले ली है। हालांकि कुछ सफाई कर्मचारी अब भी हड़ताल पर रहने की बात कर रहे हैं। फिलहाल हड़ताल के कारण दिल्ली में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
आम आदमी पार्टी के पटेल नगर कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों के साथ एक बैठक हुई। पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पांडेय व समाज कल्याण मंत्री संदीप कुमार बैठक में शामिल हुए।
दोनों नेताओं ने हड़ताल में शामिल प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में घोषणा की कि यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में हड़ताल वापस लिए जाने का फैसला किया गया है।
दिसंबर तक सरकार एक और किस्त देने वाली है
बैठक में हड़ताली कर्मचारियों की तरफ से एमसीडी स्वच्छता कर्मचारी यूनियन व स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गहलौत मौजूद रहे। बैठक के बाद गहलौत ने बताया कि दिल्ली सरकार के नुमाइंदों के साथ बैठक में हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। उन्हें यह बताया गया कि दिल्ली सरकार से 11 सौ करोड़ रुपये एमसीडी को दे दिया गया है।
गहलौत का कहना है कि उनके मोर्चा में सफाई कर्मियों की 27 यूनियन शामिल हैं। दीपावली के त्योहार पर दिल्ली के लोगों को परेशानी में नहीं डालना चाहते हैं। इसलिए हड़ताल वापस लेते हैं।
कुछ लोग मोर्चा के आंदोलन को फेल करने की साजिश रच रहे हैं। बैठक में मोर्चा के पदाधिकारी अशोक अंजाना, केतनदास चांवरिया, जेपी टांक, राजेश टांक, मीना बागड़ी, रवि ओसवाल, सतीश मुंडका, पद्म सिंह व मूलचंद शामिल हुए।
इससे पहले दिलीप पांडेय ने यूनियन के लोगों को बताया कि सरकार के पास एमसीडी का कोई बकाया नहीं है। सरकार पूरा पैसा एमसीडी को दे चुकी है। प्लान हेड और नॉन प्लान हेड का भी पैसा दिया जा चुका है। दिसंबर तक सरकार एक और किस्त देने वाली है। प्राथमिकता के साथ पैसा दे दिया जाएगा।