दिल्ली के पढ़े-लिखे परिवारों के ऊपर भी तांत्रिकों का जाल फैला हुआ है। दिल्ली के आधुनिक परिवार भी किसी न किसी बाबा या तंत्र-मंत्र करने वाले के झांसे में आ जाते हैं।
तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक वालों की चपेट में आने वालों में नवविवाहितों से लेकर शादी के बाद आधा दर्जन वसंत देख चुके लोग भी शामिल हैं।
दिल्ली महिला आयोग में दांपत्य जीवन को बिखरने से बचाने के लिए ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें बात को और बिगाड़ने में तांत्रिकों का भी हाथ रहा है। इनमें से कुछ शादी के बाद आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए डॉक्टर से भी पहले तांत्रिकों के पास जाते हैं।
इन समस्याओं का इलाज करते हैं तांत्रिक
दिल्ली महिला आयोग में परिवारों को टूटने से बचाने के लिए काउंसलिंग करने वाली सदस्या रूपेंद्र कौर बताती हैं कि दिल्ली के अधिकांश परिवार किसी न किसी बाबा के चक्कर में रहते हैं।
कौर ने कहा कि उनके पास काउंसलिंग के लिए आने वाले मामलों की तह में जाने पर पता चलता है कि दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियों खासतौर पर बच्चे न होने, ससुराल पक्ष के प्रति लड़की का व्यवहार सही न होने आदि मामलों में झाड़-फूंक करवाई जाती है।
कमाल की बात यह है कि तांत्रिकों के पास लड़कियों को ही ले जाकर इलाज कराया जाता है। पुरुष खुद नहीं जाते, लेकिन पत्नियों को भेजने के लिए रजामंद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई सटीक आंकड़ा नहीं है लेकिन ज्यादातर मामलों में लड़कियों का वहां शोषण किया जाता है।
तांत्रिकों की पोल खोलते ये केस
पहला मामला नजफगढ़ का है। इसमें आरोपी तांत्रिक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसमें पेशे से अध्यापिका लड़की को तांत्रिक के पास ले जाया गया, जहां उसकी हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यह मामला दिल्ली महिला आयोग में आया। जिसमें बताया गया कि घरेलू समस्याओं के कारण लड़की को तांत्रिक के पास ले जाया गया। वहां उसका शोषण किया गया।
दूसरा मामला वसंत कुंज का है। आखिर में यह भी दिल्ली महिला आयोग में आया। इसमें चंडीगढ़ की लड़की की शादी दिल्ली में हुई। लेकिन घर में अनबन के चलते लड़की पर हवा का चक्कर बताकर तांत्रिक को दिखाया गया। जब लड़की के साथ तांत्रिक ने गलत व्यवहार किया तो ससुराल पक्ष के लोगों ने तांत्रिक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।