कोतवाली क्षेत्र में अंबर टाॅकिज के पास स्थित एक अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से नवजात की जान चली गई। अस्पताल में फोटो थेरेपी के दौरान पांच दिन का मासूम अधिक तापमान के कारण झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजनों और समर्थकों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराया।
पुलिस की ओर से दोनों पक्षों में समझौता होने की बात की जा रही है। पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
थाना भोजपुर क्षेत्र के गांव कलछीना निवासी अकील की पत्नी तरन्नुम साढ़े आठ माह की प्रेग्नेंट थी। अकील ने पत्नी को एक निजी अस्पताल में 15 दिन पहले भर्ती कराया। पांच दिन पूर्व आपरेशन से बच्चा हुआ था।
सोमवार सुबह सात बजे अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके बच्चे की मौत हो गई। कर्मचारी ने शिशु का शव परिजनों को सौंप दिया।
अकील ने आरोप लगाया कि सुबह करीब छह बजे उनको बताया कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे दूध पिलाया गया है आैर चिकित्सकों के आने पर तरन्नुम को बच्चे समेत छुट्टी देने की बात कही।
अकील ने बताया कि बच्चे का शव पूरी तरह से काला पड़ा था। करंट लगने अथवा फोटोथेरेपी (नर्सरी मशीन) में अधिक तापमान के कारण बच्चे की झुलसने से मौत हुई है।
हंगामा की सूचना पर पहुंचे सीओ राजेश कुमार, नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, कोतवाली प्रभारी दीपक कुमार और थाना प्रभारी भोजपुर शावेज खान ने पीड़ित परिजनों को समझाकर शांत कराया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद पीड़ित परिजन बच्चे का शव साथ लेकर लौट गए।