देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स ने छात्रों के साथ गलत व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी छात्र के साथ गलत व्यवहार संस्थान बर्दाश्त नहीं करेगा।
भविष्य में अगर किसी भी फैकल्टी की ओर से इस तरह की लापरवाही देखने को मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये चेतावनी एम्स प्रबंधन ने एक महिला डॉक्टर पर पीएचडी कराने को लेकर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाने के बाद दी है।
दरअसल, पिछले महीने एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में पीएचडी कर रहे छात्र रजत प्रकाश ने आत्महत्या का प्रयास किया था। गौतम नगर स्थित अपने कमरे में बेसुध मिले रजत को लेकर उसके दोस्त एम्स ट्रामा सेंटर गए। यहां उपचार के बाद रजत को बचा लिया। इस दौरान उसने माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एक वरिष्ठ महिला डॉक्टर पर मानसिक शोषण और गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए थे।