तीनों नगर निगम के महापौर और उपमहापौर पद पर भाजपा के पार्षद निर्विरोध निर्वाचित होंगे। मुख्य विपक्षी दल आप और कांग्रेस ने उनके खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं कराए हैं। दरअसल, तीनों नगर निगम में भाजपा का पूर्ण बहुमत है। वहीं पूर्वी और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति सदस्य के लिए भाजपा के पार्षद आसानी से जीत जाएंगे। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में उसके एक सदस्य की जीत खासी मुश्किल है।
तीनों नगर निगम में सदन से स्थायी समिति के तीन-तीन सदस्य चुने जाने हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम में तीनों सदस्य आसानी से जीत जाएंगे। हालांकि आप ने एक पार्षद का नामांकन दाखिल कराया है, लेकिन जीत कोसों दूर लगती है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम में भाजपा ने दो पार्षदों के नामांकन दाखिल कराए हैं और उनकी भी जीत सुनिश्चित है। तीसरे सदस्य के लिए आप और कांग्रेस ने ताल ठोक दी है। उनकी जीत निर्दलीय व अन्य पार्षदों के रुख पर निर्भर रहेगी। पिछली बार शिक्षा समिति के सदस्य के चुनाव में पार्षदों की संख्या होने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय एवं अन्य पार्षदों के सहारे आप को पटखनी दे दी थी।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति के तीन सदस्यों का चुनाव सबसे अधिक रोचक होगा। यहां भाजपा ने तीन पार्षदों ने नामांकन किया है। आप और कांग्रेस के एक-एक पार्षद ने भी पर्चा भरा है। तीनों दलों के सदस्यों की संख्या के अनुसार आप पार्षद जीत सकता है। भाजपा और कांग्रेस का गठजोड़ हुआ तो आप पार्षद की हार तय है। संभावना है कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच फिर गठजोड़ होगा। उन्हें सिटी सदर पहाड़गंज में भी आप को हराने के लिए गठजोड़ की जरूरत है। गत वर्ष इस जोन में आप को हराने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के हक में मतदान किया था। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर और अन्य पदों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव होंगे। उत्तरी व पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 27 अप्रैल को चुनाव होगा।