कोचिंग सेंटर बंद होने से यहां पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई है। छात्रों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों में एक नियमित अवधि के लिए पढ़ाई होती है। ऐसे में करीब हफ्ते भर से ज्यादा की छुट्टी से सिलेबस पूरा नहीं हो पाएगा या फिर उसको पूरा करने के लिए कोचिंग सेंटर वाले जल्दबाजी से निपटाने की कोशिश करेंगे। जिसका नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा।
रेलवे की परीक्षा की कोचिंग ले रहे गौरव गर्ग ने बताया कि इस तरह से कोचिंग के बंद होने का नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा। छात्रों के पढ़ने का लय टूट जाएगा। उसने कहा कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन दिनों छुट्टियों में घर चले जाते हैं लेकिन कोचिंग में पढ़ने वालों को एक दिन की पढ़ाई नहीं होने से दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
एसएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग ले रहे छात्र राहुल ने बताया कि इस तरह से कोचिंग सेंटरों को बंद नहीं करना चाहिए। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के पास काफी कम समय होता है। ऐसे में कोचिंग बंद होने से उनके पढ़ाई पर असर पड़ेगा। राहुल ने बताया कि वह किराए पर कमरा लेकर रह रहा है इसलिए उसे यहां से जाना नहीं पड़ा है। लेकिन पीजी बंद होने से कई छात्रों को मजबूरन घर जाना पड़ा है।
व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित
कोचिंग सेंटर बंद होने से मुखर्जी नगर के बत्रा के पास स्थित व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। बुक स्टॉल से लेकर खाने पीने का सामान बेचने वाले भी इस बंद से प्रभावित हुए हैं।
किताब के प्रकाशक मयंक सचान का कहना है कि उनका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। बुक स्टॉल मालिक रंजीत ने बताया कि हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह से दुकान खोलने के बाद करीब दो बजे तक एक दो ग्राहक ही उसकी दुकान में आए हैं।
वहीं कोचिंग सेंटरों व अन्य लोगों के लिए विज्ञापन का बोर्ड बनाने वाले हरिशंकर सिंह ने बताया कि अन्य सालों की तुलना में इस बार ज्यादा दिन के लिए बंद किया गया है। जिससे सभी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लिट्टी चोखा का दुकान लगाने वाले राजू का कहना है कि पुलिस ने बंद कर उनके नये साल को खराब कर दिया।