दिल्ली सरकार की ओर से वैट की दरें कम किए जाने से ट्रांसपोर्टर सहित तमाम डीजल वाहनों के मालिकों ने राहत की सांस ली है। इस निर्णय से ट्रांसपोर्टर कारोबारियों को दिल्ली के पेट्रोल पंप पर क्रेडिट फैसिलिटी दोबारा से मिलने लगेगी। अब ट्रांसपोर्टर दूसरे राज्यों से डीजल नहीं भरवाएंगे, जिससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
दिल्ली के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के संगठन गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (डीजीटीओ) की ओर से वैट की कीमत घटाने की मांग की जा रही थी। कुछ दिनों पहले डीजीटीओ की तरफ से शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया गया था।
संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि 8.36 रुपये घटाए जाने से दिल्ली में कम रेट होने की वजह से अधिकतर वाहनों में डीजल की फिलिंग होगी। महामारी के दौरान आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को इससे राहत मिली है।
क्रेडिट पर डीजल फिलिंग की सुविधा का भी मिलेगा फायदा
पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में डीजल की दर कम होने के साथ-साथ पुराने ताल्लुक की वजह से पेट्रोल पंप पर क्रेडिट फैसिलिटी का भी फायदा अब मिल सकेगा। दिल्ली में अभी भी करीब 25 हजार से अधिक ट्रक माल ढुलाई के लिए सड़कों पर हैं। हालांकि अभी भी कई छोटे ट्रांसपोर्टर का कारोबार पहले की तरह शुरू नहीं हो सका है। डीजल की दरें कम होने से एक बार फिर कारोबार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद की जा रही है।