हाईकोर्ट ने कहा- एसआईआर में बेघर मतदाताओं को शामिल करने की व्यवस्था पहले से मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में घर-घर जाकर गणना के तरीके के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिका में दावा किया गया था कि इस प्रक्रिया से बेघर और तोड़-फोड़ के कारण विस्थापित लोगों के नाम मतदाता सूची से छूट सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 19 अगस्त के आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता इंदु प्रकाश सिंह की आशंका निराधार है। अदालत ने कहा कि बिना पते वाले मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए पहले से व्यवस्था मौजूद है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में बेघर लोगों के नाम, आयु, लिंग और फोटो के साथ मकान नंबर ‘0’ दर्ज किए गए हैं। पीठ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विस्थापन के कारण सूची से बाहर हो जाता है तो वह मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकता है। बीएलओ को बेघर व्यक्ति के बताए उसके सोने के स्थान का सत्यापन करने का भी प्रावधान है।