याचिकाकर्ता सजग निझावन ने मीडिया में आई कई खबरों का जिक्र किया कि चार मई को शराब की दुकानें खुलने के बाद से वहां भीड़ उमड़ रही है और सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया जा रहा तथा इससे कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में मुश्किल आ रही है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि आप सरकार 47 दिनों बाद खुली शराब की करीब 150 दुकानों और उसके आसपास बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित होने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने में नाकाम रही है।
वकील सिमरन कोहली और अभिषेक भगत के जरिए दायर याचिका में दिल्ली सरकार और उसके आबकारी विभाग को कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर शराब की दुकानों के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने तथा सामाजिक दूरी के नियम का कड़ा अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए फौरन कदम उठाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।