- अदालत के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 3,00,000 रुपये दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को जमा कर दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पार्क की दीवार को नुकसान, पेड़ों की अवैध कटाई और निर्माण कार्यों से फैले प्रदूषण के खिलाफ दायर एक याचिका को निस्तारित कर दिया। यह मामला 25 जनवरी, 2024 को दिए गए निर्देशों के पालन में देरी के कारण पुनः सूचीबद्ध किया गया था। अदालत के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 3,00,000 रुपये दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को जमा कर दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 10,000 रुपये अदालत को और 1,00,000 रुपये एनजीटी रजिस्ट्रार के पास जमा किए, जिसे अब डीपीसीसी को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 10,000 रुपये का जुर्माना अभी तक जमा नहीं किया है, लेकिन उनके वकील ने एक महीने के भीतर इसे जमा करने का आश्वासन दिया है। डीडीए ने बताया कि क्षतिग्रस्त पार्क की दीवार को फिर से बनाया गया है और पार्क की बहाली के साथ-साथ पौधरोपण का कार्य प्रगति पर है। डीपीसीसी ने अदालत को बताया कि आवेदक को 50,000 रुपये की लागत राशि का भुगतान कर दिया गया है।