फरीदाबाद में हाईवे पर घायल एक बुजुर्ग को सूचना देने के बावजूद जिला अस्पताल में भर्ती न करना पलवल सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी को महंगा पड़ गया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस और सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आयोग ने इस मामले की रिपोर्ट जिला उपायुक्त से भी तलब की है। घायल मंदपुरी पलवल के मंदपुरी निवासी इदरीश की मौत हो चुकी है। ‘अमर उजाला’ ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
ज्ञात हो कि पलवल के आगरा चौक के पास एक बुजुर्ग 22 अक्तूबर 14 को पांच दिन से घायल अवस्था में पड़ा था। उसके बायें हाथ में फैक्चर हुआ पड़ा था। इलाज के अभाव में उसके हाथ में कीड़े पड़ गए थे। ‘अमर उजाला’ ने 23 अक्तूबर 14 के अंक में ‘पांच दिन से मदद की बाट में हाईवे पर पड़ा है बुजुर्ग’ नामक शीर्षक से खबर छापी थी। क्योंकि सीएमओ ने सूचना देने के बाद भी उसे अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया था। खबर प्रकाशित होने के बाद घायल के किसी रिश्तेदार ने परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर आए और उसे घर ले गए।
बुजुर्ग की पहचान गांव मंदपुरी निवासी इदरीश के रूप में हुई थी। इदरीश के बेटे इकराम ने बताया कि घर ले जाने के बाद करीब 10 दिन बाद ही उनकी मौत हो गई। खबर प्रकाशित होने के बाद पलवल के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मित्तल ने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पलवल पुलिस व सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही जिला उपायुक्त से इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है।