मुख्य सड़क से हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह की तरफ जाने वाले मोड़ पर मास्क की दुकानें लगी हैं। दुकानदार दरगाह जाने वाले हर व्यक्ति को मास्क लेकर जाने की नसीहत दे रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि बिना मास्क लगाए प्रवेश की इजाजत नहीं मिलेगी। करीब 200 मीटर आगे बढ़ने पर खाने-पीने की स्थायी दुकानें अब खुल गईं हैं।
यहां पहले की ही तरह दुकानदार आने-जाने वाले हर शख्स से गरीबों को खाना खिलाने की अपील कर रहे हैं। दस कदम और आगे बढ़ने पर फूल और प्रसाद बेचने वाले भी कमोबेश लोगों को छूकर फूलमाला खरीदने व जूता-चप्पल दुकानों पर ही उतार कर रखने की गुजारिश कर रहे हैं। दुकानदारों के इस तरह के बर्ताव पर कई लोग ऐतराज जताते दिखे और उन्हें लोगों को नहीं छूने की सलाह देते भी नजर आए।
अगले कदम पर दरगाह का मुख्य द्वार है, जहां पर हैंड सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया है। अंदर जाने से पहले लोग अपने हाथों को सैनिटाइज करें, इसके लिए एक व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई है। जो इस बात की निगरानी भी रख रहा है कि दरगाह के अंदर 10 साल से छोटे बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग न जा पाएं। जो लोग बच्चों को लेकर पहुंचे, ऐसे लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया।
यदि 2 लोग साथ में आए, तो एक ने बाहर बच्चे को संभाला और दूसरे ने दरगाह की चौखट पार की। दरगाह के अंदर करीब 40 जगहों पर हैंड सैनिटाइजर लगाया गया है। वहीं मना करने के बावजूद जो लोग दरगाह में फूल और प्रसाद लेकर आ रहे हैं, उन्हें इसे कूड़ेदान में फेंकना पड़ रहा है।
दरगाह की मुख्य जगह पर खाली हाथ जाकर केवल एक फेरा लगाने की इजाजत है। महिलाओं को यहां जाने की इजाजत नहीं है। दिल्ली पुलिस ने दरगाह के मुख्य द्वार पर 5 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। जिनसे इस बात की निगरानी रखी जा रही है कि किसी भी हाल में दरगाह के अंदर भीड़ इकट्ठी न होने पाए। दरगाह प्रशासन के अनुसार रविवार को लगभग हजारों लोग हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर आए।