आरोपी को आखिरी बार 4 मार्च को गुरुग्राम में एक बैंक से पैसे निकालते देखा गया था। वह पिछले साल नवंबर से फरार है, जब उसकी पत्नी का शव पूर्वी लंदन में उसकी कार की डिक्की में मिला था।
हाईकोर्ट ने पत्नी की संदिग्ध मौत के आरोपी को भगोड़ा घोषित करने के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। युवक पर पूर्वी लंदन में नौ महीने पहले संदिग्ध अवस्था में मृत मिली 24 वर्षीय पत्नी की हत्या में शामिल होने का आरोप है। युवक अभी तक दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति प्रथिबा एम. सिंह ने कहा कि महिला की यूके में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। यदि याचिकाकर्ता (पति) को गिरफ्तार किया जाता है तो वह कानूनी उपायों का लाभ उठा सकता है। आरोपी पति की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा पुलिस के समक्ष पेश होने का नोटिस नहीं दिया गया। मुझे कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है और मेरी संपत्तियां जब्त होने का खतरा है।
हालांकि, न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि इसमें जल्दबाजी क्या है? आपको भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है। यह मामला अवकाश पीठ के लिए नहीं है। राज्य की ओर से पेश लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि यूके से एक गोपनीय रिपोर्ट मिली है, जिसमें घटना का विस्तृत विवरण है। आरोपी को आत्मसमर्पण करना चाहिए, जेल जाना चाहिए और फिर जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।
विज्ञापन
यह है मामला
आरोपी को आखिरी बार 4 मार्च को गुरुग्राम में एक बैंक से पैसे निकालते देखा गया था। वह पिछले साल नवंबर से फरार है, जब उसकी पत्नी का शव पूर्वी लंदन में उसकी कार की डिक्की में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से गला घोंटने को मृत्यु का कारण बताया गया था। दिल्ली पुलिस ने एक मई को उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। पिछले साल दिसंबर में पीड़िता के माता-पिता की शिकायत पर इस प्राथमिकी दर्ज की गई थी।