सेक्टर-37 स्थित मंदिर की जमीन पर बिना अनुमति भागवत कथा कराने का विवाद बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। प्रशासन ने बृहस्पतिवार को इसकी अनुमति नहीं दी। वहीं, कुछ शरारती तत्वों ने मौके पर रखे दानपात्र को तोड़ने का प्रयास किया। आयोजनकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को फिर से टेंट लगाकर कथा शुरू कराने की कोशिश की, लेकिन प्राधिकरण की टीम ने उन्हें रोक दिया। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी भी प्राधिकरण के साथ आ गए। घटनास्थल पर पुलिस बल और प्राधिकरण के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
सेक्टर-37 में मंदिर के लिए जमीन आरक्षित है। इस जमीन पर कुछ लोगों ने कुछ माह पूर्व मूर्तियां स्थापित कर दी थी। बुधवार से यहां भागवत कथा का आयोजन किया जाना था, लेकिन प्राधिकरण ने आयोजन शुरू नहीं होने दिया। पंडाल उखाड़ दिया था। आरोप है कि मौके पर पहुंचे कुछ शरारती तत्वों ने दानपात्र तोड़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वहीं, सेक्टर 37 के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत कासना कोतवाली पुलिस और सीईओ से की है। आरोप है कि मौके पर विवाद उत्पन्न करने की साजिश थी, ताकि आरडब्ल्यूए को बदनाम किया जा सके।
उधर, प्रशासन और प्राधिकरण ने भागवत कथा आयोजन की अनुमति नहीं दी है। आयोजन कराने वाले लोग दिनभर प्राधिकरण और प्रशासन के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई अफसर विवादित जमीन पर अनुमति देने के लिए तैयार नहीं हुए। सिटी मजिस्ट्रेट गुंजा सिंह ने कहा कि भागवत कथा कराने के लिए कोई अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है। आयोजकों ने बृहस्पतिवार को कथा शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन प्राधिकरण व आरडब्ल्यूए ने उन्हें रोक दिया। महिला मंडली दिनभर भजन-कीर्तन करती रही। मौके पर तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारी भी मौके पर तैनात हैं।
सेक्टर में कुछ शरारती तत्व धार्मिक स्थल के चिह्नित प्लॉट पर गैर कानूनी तरीके से भागवत कथा की आड़ में कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसकी शिकायत प्राधिकरण से की गई है। इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग है जिससे माहौल खराब न हो सकें।
- सुनीता, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, सेक्टर-37
अगर आयोजकों को प्रशासन से अनुमति मिल जाती है तो वह कथा की अनुमति दे देंगे। इसके लिए आवेदकों को किराया जमा करना होगा। नियमों के मुताबिक किराया जमा करने पर ही कथा करने की अनुमति दी जाएगी।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण