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सोने पर जीएसटी की दर निर्धारित होने से ग्राहकों में बढ़ी हलचल

Sun, 04 Jun 2017 05:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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जीएसटी परिषद द्वारा सोने पर तीन फीसदी जीएसटी लगाने का निर्णय आम आदमी को रास नहीं आ रहा है। जिन घरों में आने वाले कुछ माह में शादियां हैं उनके यहां हलचल बढ़ गई है। उनका कहना है कि एक जुलाई के बाद अगर वह शादी के लिए आभूषण खरीदेंगे तो उन्हें इसकी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। सराफा कारोबारियों का तो यहां तक कहना है कि जिनके घरों में साल के अंत तक या आने वाले साल में शादियां होनी है वह भी आभूषणों की एडवांस बुकिंग की भी बात करने लगे हैं। काफी ग्राहकों द्वारा इसे लेकर पूछताछ की जा रही है। 
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फरीदाबाद में सराफा कारोबार का दायरा काफी व्यापक है। शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की काफी दुकानें हैं। इन कारोबारियों का कहना है कि पिछले काफी समय से उनके कारोबार की हालत कुछ ठीक नहीं है। ऊपर से जीएसटी की दर से लोगों पर महंगाई की मार और पड़ेगी। 

एक जुलाई से लोगों को गहनों की खरीद व मनपसंद गहनों को बनवाने पर अधिक रकम खर्च करना पड़ेगा। फरीदाबाद निवासी सरिता जो कि गुरुग्राम की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं का कहना है कि सोने के आभूषणों की कीमत जीएसटी की निर्धारित दर के कारण काफी बढ़ जाएगी। जिन घरों में शादियां हैं वह इससे परेशानी महसूस कर रहे हैं। 
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सराफा सेक्टर के जानकार अमित का कहना है कि जीएसटी की सोने पर प्रस्तावित दर एक जुलाई से प्रभावी होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में जागरूक ग्राहकों की ओर से अभी से सराफा कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि लोग अब पूछ रहे हैं कि जीएसटी की नई दर लागू होने के बाद सोने के रेट में वर्तमान दर की अपेक्षा कितना इजाफा हो जाएगा। सराफा कारोबारी सतीश गोयल का कहना है कि यह बात सही है कि एडवांस बुकिंग के बारे में लोगों द्वारा पूछताछ की जा रही है। 

यह बात तो तय है कि जीएसटी की निर्धारित दर से सोने के भाव में इजाफा होगा। अभी इस पर डेढ़ फीसदी वैट लगता है। अगर एक जुलाई से जीएसटी लागू हुआ तो ग्राहकों को तीन प्रतिशत जीएसटी आभूषणों की खरीद पर चुकानी होगी। ऐसे में ग्राहकों में निश्चित रूप से हलचल तो होना ही है। फिलहाल सराफा कारोबारी इसके प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। 
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-एस. रहमान, अध्यक्ष आभूषण निर्माता एसोसिएशन
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