अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
किसी भी आपदा या हादसे के समय आम लोगों को भी राहत और बचाव कार्य में सक्षम बनाने के लिए दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत राजधानी के सभी 13 जिलों में बिल्डिंग गिरने और आग लगने जैसी घटनाओं पर आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें खासतौर पर युवाओं और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीडीएमए सभी 13 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। इसका उद्देश्य आम लोगों को आपदा के समय त्वरित राहत और बचाव के तरीकों से परिचित कराना है। इसी क्रम में डीडीएमए (दक्षिण) ने वसंत कुंज स्थित लोकपाल ऑफ इंडिया भवन में भूकंप के बाद बिल्डिंग ढहने और आग लगने की काल्पनिक स्थिति पर आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की। जिला प्रशासन के मुताबिक, इस अभ्यास से आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिली।
हादसे के शुरुआती मिनट सबसे महत्वपूर्ण
प्रशासन का मानना है कि किसी बड़े हादसे के शुरुआती मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित लोग प्रशासन के पहुंचने से पहले भी कई लोगों की जान बचा सकते हैं। हाल ही में दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में बिल्डिंग गिरने और मालवीय नगर के हौजरानी स्थित होटल में आग लगने की घटनाओं में स्थानीय लोगों ने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई थी। इन घटनाओं से सीख लेते हुए अब मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, हौजरानी होटल अग्निकांड में बचाव कार्य में मदद करने वाले बहादुर नागरिकों को चिन्हित कर सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है।