यहां से नंबर उठाने लगे
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन ने बताया कि अब जो लोग ऑनलाइन एफआईआर कराते हैं, उसमें पीड़ित का नंबर होता है। जब लोग खुद ई एफआईआर करते हैं तो नंबर छुपा नहीं होता। जालसाज यहां से नंबर उठाकर जालसाजी करते हैं।
ऐसे करने लगे जालसाजी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने सबसे पहले ई-एफआईआर करना शुरू कर दिया था। मोबाइल आदि सामान चोरी, झपटमारी व खोने पर अब 112 नंबर पर कॉल करने की जरूरत नहीं होती। पीडि़त खुद ही दिल्ली पुलिस की अधिकारिक बेवसाइट पर ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज कर करा सकते हैं। जालसाज दिल्ली पुलिस की ऑनलाइन ई-एफआईआर को उठाकर लोगों के साथ जालसाजी करने लगे हैं।
पुलिस ने नंबर को छिपाना शुरू किया
शुरू में दिल्ली पुलिस ही लोगों की ई-एफआईआर दर्ज करती थी। जब पुलिस की संज्ञान में ये बात आई की जालसाज ई-एफआईआर को उठाकर जालसाजी करते हैं तो पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल नंबर को छिपाना शुरू कर दिया। अब पीड़ित के मोबाइल नंबर के चार डिजिट ही दिखाई देते हैं।
ई-एफआईआर से जालसाजी के मामले बढ़ रहे हैं। इसको लेकर जनता को जागरूकता किया जा रहा है। लोग जालसाजों से बचकर रहें। अगर सामान चोरी हो जाता है और कोई फोन कर पैसे लेकर सामान लौटाने की बात कहता है तो ऐसा न करें। सचिन शर्मा पुलिस उपायुक्त बाहरी जिला, दिल्ली पुलिस