जाम और प्रदूषण से निजात के लिए दिए अफसरों को निर्देश
विकसित एवं स्वच्छ दिल्ली बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए भाजपा सरकार का हर महकमा जुटा है। विधायक, सांसद समेत सभी कैबिनेट मंत्री इस संकल्प को पूरा करने के लिए सड़क पर उतर रहे हैं। इसी कड़ी में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को धौला कुआं से शिव मूर्ति इंटरचेंज, गुरुग्राम-दिल्ली हाईवे पर चल रहे निर्माणकार्य, ट्रैफिक जाम वाले प्वाइंट व ग्रीन स्ट्रेच का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रदूषण नियंत्रण समिति, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सिरसा ने जाम व प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस मौके पर सिरसा ने निर्माण कार्य से होने वाले वायु प्रदूषण व सड़क पर ट्रैफिक मूवमेंट का निरीक्षण किया और जाम लगने वाले स्थानों को चिह्नित कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। महिपालपुर फ्लाईओवर और रोहतक/चंडीगढ़ रोड पर अधिक ट्रैफिक को देखते हुए जाम की वजहों के कारण का आकलन करने को कहा। साथ ही, निर्माणाधीन शिव मूर्ति इंटरचेंज और एयरपोर्ट अंडरपास का निरीक्षण किया। प्रदूषण नियंत्रण मानकों के उल्लंघन, ग्रीन बेल्ट की कमी और धूल कणों को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
सख्त निर्देश किया जारी : सिरसा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्रियों को ढका नहीं गया था और निर्माण स्थलों से निकलने वाली मिट्टी भी खुले में पड़ी थी। न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव हो रहा था और न ही धूलकण की रोकथाम के लिए कोई उपाय। डीपीसीसी के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे डेवलपर के खिलाफ नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करें। ट्रैफिक जाम, पीएम 2.5 स्तर बढ़ना और वायु प्रदूषण के बीच सीधा संबंध है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों को रजोकरी क्रॉसिंग के पास द्वारका-चंडीगढ़ बाइपास रोड जो धौला कुआं से जोड़ता है के लिए डायवर्जन प्लान बनाने को कहा, ताकि ट्रैफिक का सुगम परिचालन हो सके। वहीं, शिव मूर्ति इंटरचेंज पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। सिरसा ने कहा कि गुरुग्राम-दिल्ली हाईवे राजधानी की लाइफलाइन है और यहां ट्रैफिक की अधिकता को देखते हुए वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।