दिल्ली पुलिस पांच वर्ष या उससे ज्यादा पुराने मामलों की जांच पूरी करने में जुट गई है। पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव के आदेश के बाद पुराने मामलों की जांच तेज कर दी गई है। इससे जांच पूरा होने आस में बैठे पीड़ितों व उनके परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। राजधानी के अलग-अलग थानों में ऐसे केस की संख्या 3162 है।
अहम है कि हाल ही में पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सख्त आदेश दिए हैं कि पांच वर्ष या उससे पुराने केस की जांच जल्द से जल्द पूरी कर कोर्ट में पेश की जाए। आदेश के बाद से विभिन्न जिलों व अन्य यूनिटों की पुलिस ने 14 दिनों में 273 केसों को निपटारा कर संबंधित कोर्ट में पेश किया है।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों को देखे तो पांच वर्षों से 449 केस दक्षिणी जिले के हैं। इसके बाद रोहिणी जिलेे में पुराने केस की संख्या 442 केस हैं। तीसरे नंबर पर दक्षिणी-पूर्वी जिला आता हैं। यहां पांच वर्ष से पुराने केस की संख्या 391 है।
पांच वर्षों से जो केस लंबित हैं उन्हें जल्द पूरा करने का कहा है। इससे लोगों को न्याय मिल सकेगा।
- एसएन श्रीवास्तव, दिल्ली पुलिस आयुक्त
मेट्रों के थानों में पांच वर्ष पुराना एक केस
मेट्रो के थानों में पांच वर्ष पुराना एक अपहरण का केस है। इसके अलावा मेट्रों के थानों में पांच वर्ष पुराना कोई केस नहीं है। आईजीआई थानों में पांच वर्ष पुराने केस की संख्या पांच हैं। इनमें से चार जालसाजी के हैं। दिल्ली के सभी जिलों व यूनिटों में सड़क दुर्घटना के दो केस ही पांच वर्ष पुराने हैं।