न्यू पालम विहार के लोगों ने सरकार से कॉलोनी को नियमित करने की मांग की है।
सरकार पर कॉलोनी के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए पार्षद रिषीराज राणा ने अनदेखी के खिलाफ अदालत की शरण में जाने की बात कही है।
कॉलोनीवासियों की समस्या सुनने के बाद पार्षद ने कहा कि वर्ष 2011 में नियमित कॉलोनियों के लिए हुए सर्वे में शहर की कुल 45 कॉलोनियां चिह्नित की गई थीं।
इनमें 36वें स्थान पर न्यू पालम विहार का नाम शामिल था। वर्ष 2013 में कॉलोनियों को नियमित करने के निर्देशों के दौरान इस सूची से कॉलोनी का नाम हटा दिया गया।
लोगों के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए राणा ने बताया कि इसका कारण जानने के लिए आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी, जिसमें 900 मीटर दायरे का बहाना बनाया गया।
इसके लिए भी जब आरटीआई का सहारा लिया गया, तो उस आरटीआई में कॉलोनी को 900 मीटर दायरे से बाहर बताया गया।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से लेकर गुड़गांव में बैठे अधिकारियों तक से कॉलोनी का नाम नियमित कॉलोनियों की सूची में शामिल करने की गुहार लगाई जा चुकी है।
लेकिन सरकार राजनीतिक दुर्भावना के चलते कॉलोनीवासियों के साथ भेदभाव कर रही है।