अभिषेक ने बारात घर के आसपास मीट की दुकान चलाने वाले फरीद, मो. रिहान, घूकराम, मईनुद्दीन, रासिद, दिलवार और गुलाब गौस समेत 10 लोगों को नामजद कराया है। अभिषेक का आरोप है कि आरोपी मुर्गे और बकरे की आड़ में गोवंश का भी मीट बेच रहे थे। उन्होंने मांग की कि सभी दुकानों वहां से हटवाया जाए।
रासुका के लिए अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडे ने बताया कि ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है। गौवंश के अवशेष मिले हैं। अब यह जांच का विषय है कि अवशेष पुराने हैं या नए। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस-पीएसी तैनात की गई है।
पूरे प्रकरण को लेकर जांच कराई जा रही है और प्रत्येक पहलू को लेकर गहनता से कार्य किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई के लिए भी एसएसपी और जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी।
पांच दुकानों को कराया गया सील
सिटी मजिस्ट्रेट और जिला अभिहीत अधिकारी संजय शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की तो मीट दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं मिले और कई अनियमितताएं मिलीं। इससे मौके पर पांच दुकानों को सील करा दिया गया। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद जिला खाद्य विभाग की ओर से मीट व्यापारियों का सत्यापन नहीं किया जा रहा है। पाबंदी के बाद भी खुलेआम दुकानों पर ही मुर्गे व बकरों को काटा जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी हीलाहवाली कर रहे हैं। साफ-सफाई को लेकर भी लापरवाही पाई गई है।
‘पुलिस कार्रवाई करती तो नहीं होती गोहत्या’
ग्रामीणों का आरोप है कि मीट की दुकानों की कई बार पुलिस और प्रशासन के समक्ष शिकायत कर चुके हैं। इसमें साफ कहा गया था कि यह मार्केट अवैध है और पुलिस-प्रशासन की सरपरस्ती में मार्केट को चलवाया जा रहा है। दुकानों पर खुले में मीट काटकर बेचा जाता है। अगर समय रहते पुलिस-प्रशासन कार्रवाई करते तो गोहत्या नहीं होती।
गोहत्या की सूचना मिलने पर स्थिति को काबू किया गया। कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया गया। 7 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में कौन-कौन शामिल हैं और क्या इससे पहले भी इस तरह की कोई कार्रवाई हुई थी। इन सभी मुद्दों पर जांच की जा रही है।- अरुण कुमार सिंह, एसपी सिटी, नोएडा