स्थानीय रोडवेज यूनियन ने गुड़गांव डिपो से स्टाफ और बसें मेवात भेजने पर परिवहन मंत्री आफताब अहमद का विरोध किया है।
पिछले दिनों परिवहन मंत्री के आदेश से गुड़गांव डिपो से 10 बसें और 20 चालक नूह डिपो भेजे गए थे। इस हफ्ते मंत्री ने 10-10 बसें, चालक और परिचालक नूंह भिजवा दिए।
इसके बाद गुड़गांव डिपो की लंबे रूट और कुछ ग्रामीण रूट पर सेवा गड़बड़ा गई है। डिपो प्रबंधन ने चालकों और बसों की कमी के चलते पहले ही एक दर्जन के करीब लंबे रूट बंद कर दिए हैं।
हालांकि नए साल में इन रूट को शुरू करने की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन मंत्री के फैसले से इसे धक्का लगा है। चालकों की कमी के कारण इस सप्ताह छह रूटों पर सिटी सेवा भी बंद कर दी गई है।
रोडवेज तालमेल कमेटी के प्रधान ओमप्रकाश यादव ने कहा कि मंत्री को क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर प्रदेश के लाखों लोगों के बारे में सोचना चाहिए। 20 से 23 की हड़ताल में इस मुद्दे को शामिल किया जाएगा।
मेवात की तरह प्रदेश के ही नहीं, गुड़गांव के ग्रामीण हिस्सों में बसों की खासी किल्लत है। उन्होंने मुख्यमंत्री हुड्डा पर झूठी लोकप्रियता के प्रयास करने का आरोप लगाया। मंत्री से फोन पर वार्ता का प्रयास सफल नहीं हो पाया।