रविवार, शाम 4:00 बजे का वक्त था। पटपड़गंज इलाके के ईस्ट विनोद नगर में एक दुकान पर चाय उबल रही थी। उसके साथ खड़े महेश बाबू ने अपने साथ वालों से पूछा, इस बार किसे वोट दे रहे हो? काम तो हुआ नहीं है। सड़कों का हाल भी वैसा ही है। पानी बरस जाए तो बस निकलना ही बंद। तभी वहां मौजूद अंशु बोले...हालत तो खैर खराब ही है।
घरों में साफ पानी नहीं मिल रहा। कभी सीवर जैसी बदबू आती है तो कभी मिट्टी। चाय की दुकान वाले सुंदर सिंह ने बातचीत में काउंटर किया। ऐसा नहीं है, इस बार देखना मनीष सिसोदिया पिछले से ज्यादा वोटों से जीतेंगे। तभी विक्रम कुमार ने कहा कि 11 तारीख का इंतजार कर लो, जब परिणाम आएंगे तो पता चलेगा मनीष सिसोदिया कहां चले गए। दिल्ली चुनाव को लेकर इस तरह चर्चाएं आम है। रविवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने पटपड़गंज इलाके में दौरा कर जाना सियासी हाल।
विक्रम कुमार पूछते हैं, पटपड़गंज में क्या नहीं है? जो है ये कब बना? सबसे ज्यादा विकास छह-सात साल ही पहले हुआ। इसके बाद न कोई इमारत बनी न कोई सड़क। पूर्वी दिल्ली नगर निगम की सफाई व्यवस्था सबसे बेकार है। इसी बीच तपाक से चाय वाले सुंदर सिंह ने कहा...अरे भैया पहले अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाता था, अब मोहल्ला क्लीनिक में ही सब मिल जाता है। मेरे बच्चे स्कूल जाते हैं, वे बताते रहते हैं वहां के बारे में। ऐसा नहीं है काम नहीं हुआ है।
तभी वहां एक पत्थर पर बैठे श्याम चाय की चुस्कियां लेते हुए बोले...भैया हम तो अपने पहाड़ वाले को ही वोट देंगे। इस पर महेश पूछते हैं, कौन से पहाड़ वाले? उंगलियों से इशारा करते हुए बोले कि दो-दो हैं चुनावी मैदान में। सुंदर लाल बोले...हां तो क्या हुआ? हमारे तो दोनों ही अपने हैं। विक्रम कहते हैं कि वोट तो एक को ही दे सकोगे। फिर सुंदर बोलते हैं परिवार में पांच लोग हैं, आधे-आधे कर लेंगे। इस पर सब जोरों से हंसने लगे।
दरअसल, वर्तमान विधायक उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से चुनाव में उतरे हैं। भाजपा ने रवि नेगी और कांग्रेस ने लक्ष्मण रावत को उनके खिलाफ उतारा है। रवि नेगी विनोद नगर से पार्षद हैं और लक्ष्मण रावत कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। ये क्षेत्र उत्तराखंड और पूर्वांचल बहुल माना जाता है। यहां करीब 24 फीसदी मतदाता पहाड़ी इलाकों से हैं।
लक्ष्मण रावत गढ़वाल क्षेत्र से हैं, जबकि रवि नेगी कुमाऊं और गढ़वाल के बीच दुसान क्षेत्र से हैं। कुमाऊं से एक वर्तमान पार्षद मनीष सिसोदिया के समर्थन में प्रचार कर रही हैं। 2015 में भाजपा ने आप के तत्कालीन बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी को सिसोदिया के खिलाफ मैदान में उतारा था, लेकिन वह चुनौती तो दूर सिसोदिया का मत प्रतिशत बढ़ने से भी नहीं रोक सके थे।