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ग्रेटर फरीदाबाद के लोग फिर आंदोलन के मूड में 

Wed, 19 Oct 2016 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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नहरपार बसे ग्रेटर फरीदाबाद के बीस से अधिक सोसाइटियों के लोग बिल्डरों की मनमानी और शासन-प्रशासन की लापरवाही से दोबारा आंदोलन करने के मूड में हैं। क्योंकि सत्ता पार्टी के नेताओं से लेकर मुख्यमंत्री तक और प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाई जा चुकी है।
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लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। हैरानी की बात ये है कि प्रशासन के साथ कई दौर की हुई बैठक में भी कोई खास परिणाम नहीं निकल पाया है। लेगों का यहां तक कहना है कि मुख्यमंत्री को दिया गया ज्ञापन भी कचरे का हिस्सा बन गया।

ग्रेटर फरीदाबाद रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद मनोचा का कहना है कि अब तो ऐसा लगता है कि राजनीतिक नेतृत्व विशेष रूप से वह पार्टी और उसके प्रतिनिधि जो पिछले दस वर्षों से सत्ता में रहे, इस क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं सोचा।
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अब सत्ता पार्टी के नेता भी कुछ नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कि 20 दिसंबर 2015 को उन्होंने एक बड़ा आंदोलन किया था। जिसमें हजारों लेग सड़क पर थे। इस बाबत मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन भी दिया गया था लेकिन उस ज्ञापन का भी कोई असर नहीं हुआ।

एसोसिएशन के महासचिव तुलिंद्र कटोच का कहना है कि सरकार और प्रशासन दोनों संवेदनहीन हो चुके हैं। न सरकार सुन रही है और न ही प्रशासन। अभी तक सिर्फ मांगों पर लीपापोती की गई है। दोनों पदाधिकारियों का कहना है कि दीपावली के बाद बैठक करके फिर से आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

ये है रेजीडेंट्स की प्रमुख मांगें:
-हुडा की तर्ज पर सेक्टर 75 से 89 में बनाए जा रहे मास्टर रोड को जल्द पूरा किया जाए।
-आगरा व गुडग़ांव कैनाल पर तैयार चारों पुलों को तत्काल चालू किया जाए।
-सेक्टर-75 से 89 में रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए।
-सेक्टर-75 से 89 में रहने वालों के लिए पुलिस पोस्ट, स्ट्रीट लाइट, पुलिस पेट्रोलिंग का प्रबंध किया जाए।
-बिल्डरों की धोखाधड़ी एवं गैर कानूनी वसूली को रोका जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
-नगर एवं ग्राम योजना विभाग द्वारा बिना जमीन मालिकाना हक के दी गई भूमि परिवर्तन की अनुमति तुरंत प्रभाव से रद्द करके सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण की व्यवस्था हो।
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-नहरपार चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए आदि।
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